आज 01 अप्रैल दिन मंगलवार को चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।
Shinghde ke aate ki pakaudi: आज 01 अप्रैल दिन मंगलवार को चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है। नवरात्रि के तीसरे दिन देवी दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की पूजा की जाती है। मां चंद्रघंटा के मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसी कारण से इन्हें चंद्रघंटा देवी कहा जाता है।
अधिकतर लोग नौ दिनों तक नवरात्रि का व्रत रखते है और फलाहार का सेवन करते है। ऐसे लोगो के लिए आज हम सिंघाड़े के आटे की पकौड़ी की रेसिपी लेकर आये है। फलहारी पकोड़े व्रत के दौरान खाने के लिए स्वादिष्ट, कुरकुरे और झटपट बनने वाले स्नैक हैं। इन्हें आप दही की चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ खा सकते हैं।
फलहारी पकोड़े बनाने के लिए सामग्री:
1 कप सिंघाड़े का आटा (या कुट्टू का आटा)
2 उबले हुए आलू (छोटे टुकड़ों में कटे हुए)
1/2 कप मखाने (भूनकर दरदरे कुटे हुए) (वैकल्पिक)
2 टेबलस्पून मूंगफली (भुनी और दरदरी पिसी हुई)
1 टीस्पून हरी मिर्च (बारीक कटी हुई)
1/2 टीस्पून काली मिर्च पाउडर
1/2 टीस्पून सेंधा नमक
1 टीस्पून धनिया पत्ती (बारीक कटी हुई)
पानी (जरूरत अनुसार)
तेल/घी (तलने के लिए)
फलहारी पकोड़े बनाने का तरीका
1. एक बड़े बाउल में सिंघाड़े का आटा, कटे हुए उबले आलू, भुने मखाने और मूंगफली डालें।
2. इसमें सेंधा नमक, काली मिर्च पाउडर, हरी मिर्च और धनिया पत्ती मिलाएँ।
3. थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा घोल तैयार करें (बैटर ज्यादा पतला न हो)।
4. कढ़ाई में तेल या घी गरम करें।
5. जब तेल मध्यम गरम हो जाए, तब छोटे-छोटे पकोड़े बनाकर तेल में डालें।
6. पकोड़ों को गोल्डन ब्राउन और कुरकुरा होने तक तलें।
7. टिशू पेपर पर निकालें और गरम-गरम परोसें।
परोसने के लिए:
दही-पुदीना चटनी या मूंगफली की चटनी के साथ खाएँ।
ऊपर से थोड़ा चाट मसाला (व्रत वाला) डालकर स्वाद बढ़ा सकते हैं।
टिप्स:
आप इसमें ग्रेट किया हुआ कच्चा केला या अरबी भी मिला सकते हैं।
चाहें तो पकोड़ों को घी में सेंककर कम तेल में भी बना सकते हैं।
मखाने और मूंगफली डालने से यह और भी कुरकुरे बनते हैं।
स्वादिष्ट और कुरकुरे फलहारी पकोड़े तैयार हैं