योगी सरकार (Yogi Government) के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Finance Minister Suresh Khanna) ने डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) में आए बदलाव को भी बयां किया। उन्होंने कहा कि पीने का पानी घर में उपलब्ध होने का महत्व वही समझ सकता है, जिसके पास यह सुविधा न हो और जिसके घर की महिलाओं, बच्चों को पीने के पानी के लिये दूरदराज से पानी भरकर लाने के लिये रोज घर से निकलना पड़ता हो।
लखनऊ: योगी सरकार (Yogi Government) के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना (Finance Minister Suresh Khanna) ने डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में जल जीवन मिशन (Jal Jeevan Mission) में आए बदलाव को भी बयां किया। उन्होंने कहा कि पीने का पानी घर में उपलब्ध होने का महत्व वही समझ सकता है, जिसके पास यह सुविधा न हो और जिसके घर की महिलाओं, बच्चों को पीने के पानी के लिये दूरदराज से पानी भरकर लाने के लिये रोज घर से निकलना पड़ता हो।
उन्होंने कहा कि घरों में नल से पानी उपलब्ध होने से इन परिवारों को बहुत बड़ी राहत मिली है।
‘कोई ना हो उदास तो समझो बसंत है
हर घर में हो उल्लास तो समझो बसंत है
जो कंठ तरसते रहे पानी को हमेशा
बुझ जाये उनकी प्यास तो समझो बसंत है।’
2.34 करोड़ ग्रामीण घरों में उपलब्ध कराया जा चुका है गृह नल संयोजन
नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति को लेकर वित्त मंत्री ने सदन को बताया कि जल जीवन मिशन के अन्तर्गत प्रदेश के समस्त 2.67 करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन प्रदान कर शुद्ध एवं सत्त पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। उक्त लक्ष्य के सापेक्ष 2.34 करोड़ घरों में क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया जा चुका है।
उत्तर प्रदेश बजट (वित्तीय वर्ष 2025-26) के संबंध में पत्रकार बंधुओं से वार्ता… https://t.co/sLSGoCSOTg
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 20, 2025
सामुदायिक अंशदान हेतु 4500 करोड़ रुपये प्रस्तावित
गंगा को प्रदूषण से मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 67 परियोजनाएं स्वीकृत हुई है, जिनकी कुल स्वीकृत लागत 14,823 करोड़ रुपये है। वर्तमान तक 39 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिये सामुदायिक अंशदान हेतु 4500 करोड़ रुपये तथा जल जीवन मिशन योजना के अन्तर्गत अनुरक्षण एवं संचालन हेतु करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री लघु सिंचाई योजना के लिये 1100 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।