नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास (Embassy of Iran) में भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) ने शोक पुस्तिका (Condolence Book) पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei) को श्रद्धांजलि अर्पित की।
नई दिल्ली। नई दिल्ली स्थित ईरान दूतावास (Embassy of Iran) में भारत सरकार की ओर से विदेश सचिव विक्रम मिसरी (Foreign Secretary Vikram Misri) ने शोक पुस्तिका (Condolence Book) पर हस्ताक्षर किए और ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई (Supreme Leader of Iran Ayatollah Ali Khamenei) को श्रद्धांजलि अर्पित की।
ഇറാനിലെ ഇന്ത്യൻ എംബസി സന്ദർശിച്ച് അന്തരിച്ച ഇറാനിയൻ പരമോന്നത നേതാവ് ആയത്തുള്ള അലി ഖമനെയിയ്ക്ക് അനുശോചനം രേഖപ്പെടുത്തി വിദേശകാര്യ സെക്രട്ടറി വിക്രം മിസ്രി.@MEAIndia#AyatollahAliKhamenei #KhameneiDeath pic.twitter.com/rjPZJSglEP
— DD News Malayalam (@DDNewsMalayalam) March 5, 2026
ईरानी ब्रिगेडियर की अमेरिका-इजरायल को धमकी
ईरानी ब्रिगेडियर जनरल हैदरी ने इजरायल और इराक को धमकी देते हुए कहा कि इज़राइलियों को सायरन की आवाज़ की आदत डाल लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान ‘ईरानी ज़मीन पर हमलों’ के बाद इज़राइलियों को ‘सुरक्षा और आराम का स्वाद’ नहीं चखने देगा। हैदरी ने चेतावनी दी कि अब US सैनिकों का ‘बुरा हश्र’ होगा। कहा कि अमेरिकी सेना को ‘समुद्र में भेज दिया जाएगा’ या ‘ताबूतों में घर लौटा दिया जाएगा।
Foreign Secretary Vikram Misri, on behalf of the Government of India, signed the Condolence Book at the Embassy of Iran in New Delhi today. @MEAIndia #IndiaForeignPolicy #VikramMisri #GovernmentOfIndia #MEAIndia pic.twitter.com/sb8VKeYCJx
— DD India (@DDIndialive) March 5, 2026
रूस ने अमेरिका-इजरायल पर लगाया अरब देशों को युद्ध में घसीटने का आरोप
रूस ने ईरान के साथ छिड़ी जंग में अमेरिका और इजरायल द्वारा अरब देशों को घसीटने का बड़ा आरोप लगाया है। रूसी विदेश मंत्रालय की ओर से इसको लेकर बयान दिया गया है। साथ ही यह भी कहा गया कि संघर्ष में अभी कोई कमी आने की संभावना नजर नहीं आ रही है।
मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘उन्होंने (अमेरिका-इजरायल) जानबूझकर ईरान को कुछ अरब देशों में जवाबी हमले करने के लिए उकसाया, जिससे जान-माल का नुकसान हुआ, जिसके लिए रूसी पक्ष को गहरा खेद है। ऐसा करके अमेरिका-इजरायल हितों के लिए अरबों को युद्ध में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं. बयान में यह भी कहा गया कि संघर्ष को रोकने के लिए ईरान पर हमले रोकने होंगे, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।