ईरान (Iran) में हालात संभलता न देख अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) अब प्रदर्शनकारियों के कत्लेआम पर उतर आए हैं, जिसकी वजह से अमेरिका ने अटैक की धमकी दे दी है। इन हालातों देखते हुए मिडिल ईस्ट (Middle East) में हलचल मची हुई है और सभी देश अपने-अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता में आ गए हैं।
तेहरान: ईरान (Iran) में हालात संभलता न देख अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) अब प्रदर्शनकारियों के कत्लेआम पर उतर आए हैं, जिसकी वजह से अमेरिका ने अटैक की धमकी दे दी है। इन हालातों देखते हुए मिडिल ईस्ट (Middle East) में हलचल मची हुई है और सभी देश अपने-अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता में आ गए हैं। हाल ही में भारत ने दूसरी एडवाइजरी जारी करते हुए ईरान में रह रहे सभी भारतीयों से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने को कहा है। इस बीच एक भारतीय छात्रा (Indian student) का वीडियो सामने आया है, जो अपने अब्बू और अम्मा को खुद की सलामती के बारे में बता रही है। वीडियो में उसने बताया है कि ईरान में क्या हालात हैं और वो खुद कैसे सुरक्षित रख रही है।
‘मैं जिंदा हूं’
“We are alright, things are okay. Don’t be worried,” Indian students in Iran told their parents, saying protests are linked to inflation and a curfew imposed after 6 p.m. pic.twitter.com/zYHwlJXZAY
— Geo View (@theGeoView) January 14, 2026
ईरान से सामने आए वीडियो में छात्रा अपने माता-पिता को ईरान में चल रही हलचल और अपनी सलामती का अपडेट देते हुए कहती है कि ‘हैलो, अस्सलामु अलैकुम! अब्बू, अम्मा, हुदा, रुतबा… क्या तुम सब ठीक हो? मैं ठीक हूं। यह मेरी एक दोस्त है सायशा, इसे घर आना था। अब मैं इसी के फोन में यह वीडियो रिकॉर्ड कर रही हूं ताकि वह तुम्हें भेज सके और तुम्हें पता चल सके कि मैं ठीक हूं, मैं जिंदा हूं’।
छात्रा ने दंगे का माहौल बताते हुए उसने कहा कि‘वैसे मेरे सपने में आ रहा है कि तुम लोगों को लग रहा है कि मैं ठीक ही हूं, तो आई होप कि तुम लोग ज्यादा टेंशन न लो। मैं ठीक हूं, अच्छे से खा-पी रही हूं और मेरे पास पैसे भी हैं। यहां प्रोटेस्ट होते हैं, शाम को ज्यादा होते हैं। पर उसकी टेंशन नहीं है, मैं अंदर ही रहती हूं तो वह मसला नहीं है’।
वीडियो में वो आगे कहती है कि ‘अब्बा-अम्मा को भी बोलना मैं ठीक हूं, सबको बोलना मैं ठीक हूं। तुम लोग भी टेंशन मत लेना, मैं अच्छे से हूं, परेशानी मत लेना। यहां इन्फ्लेशन (महंगाई) की वजह से प्रोटेस्ट हो रहे हैं। दिन में भी होते हैं। अभी 6 बजे के बाद यहां कर्फ्यू लग जाता है, जैसे वहां पर कर्फ्यू होता था, वैसे ही यहां भी है पर सब ठीक है। हम ठीक हैं।
घर लौटने पर छात्रा बताती है कि ‘अगर हमें लगा या बोला गया कि घर जाओ, तो हम आएंगे। तो ऐसे इंतजार मत करना। मैं देखूंगी, अभी कुछ कन्फर्म नहीं है। हम आएंगे शायद, या शायद नहीं भी आएंगे, तो पता नहीं है और यह भी नहीं पता कि इंटरनेट कब खुलेगा, कब क्या होगा? तो टेंशन मत लेना, मैं ठीक हूं… और दुआ करना। बाय’!