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योगी सरकार प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति की कट ऑफ डेट जल्द निर्धारित करे : Luacta

बीते 13 अक्टूबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उच्च शिक्षा विभाग ने आयोजित कार्यक्रम में आपने प्रदेश के महाविद्यालयों के शिक्षकों को प्रोफेसर पद प्रदान किये जाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कैबिनेट को यथा शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा । इस ऐतिहासिक घोषणा पर लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि हमारा संगठन आपका आभार व्यक्त करता है ।

By संतोष सिंह 
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लखनऊ। बीते 13 अक्टूबर को गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में उच्च शिक्षा विभाग ने आयोजित कार्यक्रम में आपने प्रदेश के महाविद्यालयों के शिक्षकों को प्रोफेसर पद प्रदान किये जाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही अवगत कराया गया कि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कैबिनेट को यथा शीघ्र प्रस्ताव भेजा जाएगा । इस ऐतिहासिक घोषणा पर लुआक्टा के अध्यक्ष डॉ. मनोज पांडेय ने कहा कि हमारा संगठन आपका आभार व्यक्त करता है ।

पूर्व में भी लुआक्टा के आग्रह पर आप द्वारा शिक्षकों के हितों के कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये है। जिनमें 28 मई 2015 तक पुराने नियम से प्रोन्नति एवं इस तिथि तक रीडर/सेलेक्शन ग्रेड (8000ए जी पी ) को प्राप्त शिक्षकों को तीन वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर स्वतः ऐसोसियेट प्रोफेसर (पे बैंड-4), रिफ्रेशर और ओरिएंटेशन की कट ऑफ डेट 31 दिसम्बर 2017, छठे वेतनमान के मकान किराया भत्ते मे 20 फीसदी की बढ़ोत्तरी, सेवारत पति-पत्नी दोनों को सरकारी सेवको की भांति मकान किराया भत्ते का लाभ, परीक्षा पारिश्रमिक में वृद्धि, सातवें वेतनमान एव एरियर का भुगतान तथा राज्य कर्मचारियों की भांति मकान किराया भत्ता, स्नातक स्तर पर अध्यापन कार्य करने वाले शिक्षकों को शोध कराने का अधिकार आदि दिया गया है ।

आप अवगत है कि यू जी सी नियमन 2018 द्वारा प्रोफेसर पदनाम महाविद्यालयों में दिये जाने की अनुशंसा की गई है और आपके कुशल नेतृत्व में पहली बार उत्तर प्रदेश के महाविद्यालय के शिक्षकों को प्राप्त होने जा रहा है । आपके संज्ञान में लाना है कि 28 जून एवं 18 अक्टूबर 2021 को लुआक्टा अध्यक्ष द्वारा आपसे वार्ता के दौरान प्रोफेसर पद नाम दिये जाने के सम्बंध में कट ऑफ डेट शासनादेश निर्गत होने की तिथि तक किये जाने का आग्रह किया गया , जिससे विसंगतियों से बचा जा सके।

उपरोक्त वार्ताओं के अनुक्रम में संघ इस सम्बंध में कुछ बिंदुओं की ओर आपका ध्यान आकृष्ट करना चाहता है। महाविद्यालय के शिक्षकों को प्रोफेसर पद पर पदोन्नति पहली बार प्राप्त होगी ।प्रोफेसर पद पर महाविद्यालयों मे CAS से प्रोन्नति हेतु यूजीसी द्वारा 18 जुलाई 18 को नियमन जारी किया गया, जिसे उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या 600/सत्तर-1-2019-16(114)/2010 दिनांक 28 जून 19 द्वारा कतिपय शर्तों एवं प्रतिबन्धों के साथ स्वीकार किया गया है ।

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वर्तमान में महाविद्यालयों मे ऐसोसियेट प्रोफेसर के पद तक ही प्रोन्नति होती है एवं बहुत सारे शिक्षकों को यदि तत्समय प्रचलित यू जी सी नियमन के अनुसार प्रोन्नति की जाती है तो प्रोफेसर पद पर प्रोन्नत हो गए होते ।
यदि यू जी सी नियमन 2018 के अनुसार प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति की जायेगी तो नियमों के भूत लक्षी होने के कारण बहुत सारे शिक्षक प्रोन्नति से वंचित हो जायेंगे ।

छठे वेतनमान में भी एपीआई के भूत लक्षी प्रभाव के कारण प्रोन्नति में आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए यू जी सी नियमन 2010 को 30 जून 2010 के स्थान पर 28 मई 2015 से लागू किया गया, एवं इस तिथि तक रीडर /चयन वेतनमान (8000 ए जी पी ) प्राप्त प्रोन्नत शिक्षकों को स्वतः तीन वर्ष पूरा होने पर ऐसोसियेट प्रोफेसर (पे बैंड-4ए जी पी 9000) के पद पर प्रोन्नत कर दिया गया ।

संघ का आपसे आग्रह है कि पूर्व की भांति प्रोफेसर पद पर प्रोन्नति हेतु शासनादेश निर्गत होने की तिथि तक एसोसियेट प्रोफेसर के रुप में प्रोन्नत शिक्षकों को उनकी देय तिथि से स्वतः तीन वर्ष पूरा होने पर प्रोफेसर के रूप में प्रोन्नत करने का आदेश प्रदान करने का कष्ट करें। संघ आपका आभारी रहेगा।

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