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‘AAP Foundation Day’ : अरविंद केजरीवाल बोले- 11 साल में बहुत उतार-चढ़ाव आए, लेकिन हमारे जज्बे और जुनून में नहीं आई कोई कमी

दिल्ली और पंजाब में सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना के आज 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। दिल्ली और पंजाब में सत्ता में काबिज आम आदमी पार्टी (AAP) की स्थापना के आज 11 वर्ष पूरे हो चुके हैं। इस मौके पर दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जनता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर जज्बे और जुनून के साथ काम करते रहने की बात कही है।

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आज ही के दिन साल 2012 में देश के आम आदमी ने उठकर अपनी खुद की पार्टी ‘आम आदमी पार्टी’ (AAP)  की स्थापना की थी। तब से लेकर आज तक इन 11 साल में बहुत उतार-चढ़ाव आए, बहुत मुश्किलें भी आई, लेकिन हम सबके जज्बे और जुनून में कोई कमी नहीं आई है। एक छोटी सी पार्टी को आज जनता ने अपने प्यार और आशीर्वाद से एक राष्ट्रीय पार्टी में बदल दिया है, जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है, हम सब अपने मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ते रहेंगे और जनता के लिए काम करते रहेंगे। सभी कार्यकर्ताओं को पार्टी के स्थापना दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

2013 में लिया पहला चुनाव लड़ने का फैसला

बता दें कि सिस्टम से भ्रष्टाचार खत्म करने और वैकल्पिक राजनीति का मॉडल सामने रखने के वादे के साथ आम आदमी पार्टी ने धमाकेदार एंट्री की थी। आम आदमी पार्टी ने दिसंबर, 2013 में दिल्ली विधानसभा (Delhi Assembly) का अपना पहला चुनाव लड़ने का फैसला किया था। वर्ष 2012 में आम आदमी पार्टी ने देश में चुनावी चंदा जुटाने के भीड़-स्रोत मॉडल की शुरुआत की, जिसमें छोटे दान के साथ पार्टी शुरू से ही चल रही थी।

बिजली-पानी आंदोलन

आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपना पहला दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ने से पहले जो पहला मुद्दा उठाया था, वह बिजली की दरों और पानी के बिलों को फर्जी तरीके से बढ़ाए जाने का था। आप ने वर्ष 2013 में बिजली वितरण कंपनियों और पानी टैंकर माफिया के साथ मिलीभगत के खिलाफ सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था।

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23 मार्च से अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने शीला दीक्षित सरकार (Sheila Dikshit)पर दबाव बनाने के लिए अनशन शुरू कर दिया था। इसके साथ ही, पार्टी ने इस उद्देश्य के लिए समर्थन संगठित करने के लिए एक बड़े पैमाने पर हस्ताक्षर अभियान चलाया था। पार्टी द्वारा तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित (Chief Minister Sheila Dikshit) को दिल्ली के लोगों की 10.5 लाख से अधिक याचिकाएं सौंपने के 14वें दिन केजरीवाल ने अपना उपवास तोड़ा। इस आंदोलन ने आप को एक राजनीतिक ताकत बना दिया।

AAP को राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का मिला दर्जा

आम आदमी पार्टी (AAP) देश की एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी है। चुनाव आयोग की ओर से अप्रैल महीने में आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया था। वर्षी 2022 में गुजरात में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (AAP) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए करीब 12 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। आप की दिल्ली और पंजाब दो राज्यों में सरकार और दिल्ली एमसीडी (MCD) में पहली बार पार्टी ने अपना मेयर बनाया है।

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