Advertisement
  1. हिन्दी समाचार
  2. फूड
  3. Aloo Ki Sabji aur Kachauri: संडे मतलब छुट्टी का दिन, छुट्टी के दिन को करें इस स्पेशल ब्रेकफास्ट के साथ एंजॉय, ट्राई करें आलू की सब्जी और कचौड़ी की रेसिपी

Aloo Ki Sabji aur Kachauri: संडे मतलब छुट्टी का दिन, छुट्टी के दिन को करें इस स्पेशल ब्रेकफास्ट के साथ एंजॉय, ट्राई करें आलू की सब्जी और कचौड़ी की रेसिपी

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

आज संडे हैं, संडे मतलब बच्चों और बड़ों की छुट्टी और धमाचौकड़ी का दिन। ऐसे में कुछ हैवी और स्पेशल ब्रेकफास्ट हो जाय तो फिर क्या कहना…आज हम आपको आलू की सब्जी के साथ पूरी बनाने का तरीका बताने जा रहे है जिसे आप ब्रेकफास्ट या लंच में ट्राई कर सकते है। बच्चे भी रोज रोज के नाश्ते से बोर हो चुके होंगे तो आज उनके लिए थोड़ा चेंज हो जाएगा। तो चलिए जानते है इसे बनाने का तरीका।

पढ़ें :- Roti Flour :  रोजाना की ऊर्जा के लिए चोकरयुक्त गेहूं का आटा, चुस्ती-फुर्ती बरकरार रहेगी

आलू की सब्जी और पूरी बनाने के लिए सामग्री:

आलू – 3 उबले और मैश किए हुए

टमाटर – 2

हरी मिर्च, अदरक

पढ़ें :- अब घर पर बनाये खट्टी-मिठ्ठी जीरा पाचक गोलियां, खाने के बाद मुंह का स्वाद हो जाएगा लाजवाब

जीरा, हींग

हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर

नमक

तेल

आलू की सब्जी बनाने का तरीका

पढ़ें :- Gala Dinner: कैसे ‘खाना’ बना मोदी की असरदार डिप्लोमेसी, विदेशी मेहमानों ने चखा देश का पारंपरिक स्वाद

1. तेल गरम करके हींग, जीरा का तड़का दें।

2. अदरक-मिर्च, टमाटर डालकर मसाले भूनें।

3. आलू डालकर अच्छे से मिलाएँ।

4. पानी डालकर पतली ग्रेवी बना लें।

5. 5-10 मिनट पकाएँ।

5. कचौड़ी रेसिपी (मसालेदार मटर वाली)

पढ़ें :- उकडीचे मोदक: गणेश चतुर्थी पर बप्पा को लगाएं उकडीचे मोदक का भोग, आसान है रेसिपी

सामग्री (आटा के लिए):

मैदा – 2 कप

नमक, अजवाइन

तेल – 2 चम्मच (मोयन के लिए)

भरावन के लिए:

मटर – 1 कप (दरदरे पिसे)

हरी मिर्च, अदरक

पढ़ें :- Video-बिपाशा बसु को प्रोटीन ड्रिंक में मिला कीड़ा, तुकाराम मुंढे से मांगी मदद, कहा- आप हमारी इकलौती उम्मीद

हींग, जीरा

सौंफ, गरम मसाला, आमचूर

नमक

पूरी बनाने का तरीका

1. मैदा में नमक, अजवाइन, मोयन डालकर आटा गूंथ लें।

2. पैन में तेल गरम करके मसाले और मटर डालकर भून लें।

3. आटे की लोइयाँ बनाकर मटर वाला मिश्रण भरें और बेलें।

4. धीमी आँच पर कचौड़ियाँ तलें जब तक सुनहरी न हो जाएँ।

Advertisement