1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तराखंड
  3. Ambedkar Jayanti holiday Cancelled: स्कूलों में डॉ. अंबेडकर जयंती की छुट्टी रद्द, सरकार ने जारी किया ये आदेश

Ambedkar Jayanti holiday Cancelled: स्कूलों में डॉ. अंबेडकर जयंती की छुट्टी रद्द, सरकार ने जारी किया ये आदेश

Ambedkar Jayanti holiday Cancelled: भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती सोमवार (14 अप्रैल) को मनाई जाएगी। आंबेडकर जयंती केंद्र सरकार की गजटेड छुट्टियों में शामिल है, इसलिए इस दिन देशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहते हैं। हालांकि, उत्तराखंड में 14 अप्रैल को स्कूलों में कोई अवकाश नहीं रहेगा।

By Abhimanyu 
Updated Date

Ambedkar Jayanti holiday Cancelled: भारतीय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती सोमवार (14 अप्रैल) को मनाई जाएगी। आंबेडकर जयंती केंद्र सरकार की गजटेड छुट्टियों में शामिल है, इसलिए इस दिन देशभर के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद रहते हैं। हालांकि, उत्तराखंड में 14 अप्रैल को स्कूलों में कोई अवकाश नहीं रहेगा।

पढ़ें :- UP News: ​7.50 लाख रुपये रिश्वत लेते एलडीए के घूसखोर अवर अभियंता समेत तीन गिरफ्तार, विजिलेंस ने रंगे हाथ पकड़ा

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, उत्तराखंड सरकार ने घोषणा की है कि 14 अप्रैल को स्कूलों में कोई अवकाश नहीं रहेगा। इसके स्थान पर डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षा महानिदेशक (उत्तराखंड) झरना कमठान की ओर से जारी आदेश में कहा गया है- सामाजिक न्याय, समानता एवं समता के मसीहा तथा दलितों के अधिकारों के संरक्षक डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी की जयन्ती दिनांक 14 अप्रैल 2025 को हर्षोल्लास के साथ व्यापक रूप में मनाये जाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर डॉ० अम्बेडकर जी के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में दिये गये मार्गदर्शन एवं उनके अमूल्य योगदान से अवगत कराने के साथ ही छात्र-छात्राओं को डॉ० भीमराव अम्बेडकर जी के संघर्ष से प्रेरणा लेने हेतु प्रोत्साहित किया जाये।

अतः निर्देशित किया जाता है कि दिनांक 14 अप्रैल, 2025 को डॉ० अम्बेडकर जी की जयन्ती के अवसर पर राज्य के समस्त विद्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किये जाये, जिसमें डॉ० अम्बेडकर जी की जीवनी, उनके द्वारा समानता, न्याय, सामाजिक उत्थान, अस्पृश्यता, संविधान निर्माण आदि क्षेत्रों में किये गये कार्यों से सम्बन्धित भाषण, निबन्ध, पोस्टर, नाटक आदि प्रतियोगिताओं के साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाय। साथ ही कार्यक्रम में प्रतिभागी बच्चों को प्रोत्साहित / पुरस्कृत किया जाय।

Image

पढ़ें :- लखनऊ मण्डल को दशकों बाद मिला पूर्णकालिक मण्डलीय मनोवैज्ञानिक अधिकारी
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...