1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. America Tariff Game : भारत ने बंद किया रूस से तेल खरीदना, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी चेतावनी

America Tariff Game : भारत ने बंद किया रूस से तेल खरीदना, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी चेतावनी

अमेरिका (America) के टैरिफ के खेल (Tariff Game) में आखिर भारत फंस ही गया। अमेरिका की चेतवानी के बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने भारत को चेतावनी दी थी की वह रूस से तेल खरीदना बंद करे नहीं तो, भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाया जाएगा।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिका (America) के टैरिफ के खेल (Tariff Game) में आखिर भारत फंस ही गया। अमेरिका की चेतवानी के बाद भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने भारत को चेतावनी दी थी की वह रूस से तेल खरीदना बंद करे नहीं तो, भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाया जाएगा। इसके बाद अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया था। जिसके बाद भारत ने गुरुवार रात से रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया। भारत की सरकारी कंपनियों ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया है। जबकि प्राईवेट कंपनियां अभी भी रूस से तेल खरीद रही है।

पढ़ें :- LPG Price : होली से पहले सिलेंडर के रेट में लगी आग, अब आपके शहर में कितने हो गए नए रेट

बता दें कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयात करने वाला देश है। भारत समुद्री मार्ग के जरिए रूस से तेल खरीदने वाला सबसे बड़ा खरीदार है। देश की चार सरकारी कंपनियां रूस से तेल खरीद रही थीं। जिसमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन और मैंगलोर रिफाइनरी पेट्रोकेमिकल लिमिटेड शामिल हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, ये चारों कंपनियां पिछले हफ्ते से ही रूस से तेल खरीद नहीं रही हैं। डोनाल्ड ट्रंप पिछले काफी समय रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत को चेतावनी दे रहे थे। मामला बढ़ता देख इन सरकारी कंपनियों ने रूस से तेल नहीं खरीदने का फैसला लिया है।

रूस से तेल नहीं खरीदने को लेकर रॉयटर्स ने इन कंपनियों से बात करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। दावा है कि भारत की चारों सरकारी कंपनियों ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।

भारत ने वेस्ट अफ्रीकी देशों और अबू धाबी से लेगी तेल

रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि भारत की चारों कंपनियां अब तक रूस से तेल खरीद रही थीं। समुद्री रास्ते ये तेल भारत भी पहुंच रहा था, लेकिन अब रूस से तेल नहीं खरीदा जा रहा है। ऐसे में भारतीय सरकारी कंपनियों ने अबू धाबी और वेस्ट अफ्रीकी देशों का रूख किया है।

पढ़ें :- ईरान में खामेनेई की मौत के बाद कौन बनेगा सुप्रीम लीडर? ये कट्टरपंथी कमांडर ले सकता है उनका स्थान

देश में 52 लाख बैरल तेल की खपत

भारत की रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी जैसी निजी रिफाइनरी कंपनियां ज्यादातर तेल रूस से ही खरीदती है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत की कुल रिफाइनिंग क्षमता का 60% से ज्यादा हिस्सा सरकारी रिफाइनरी कंपनियों के पास है। भारत में हर दिन लगभग 52 लाख बैरल तेल रिफाइन किया जाता है। अब रूस से तेल खरीदारी बंद होने से इस पर असर पड़ना तय है।

खाड़ी और अफ्रीकी देशों से खरीदारी करने पर पड़ेगा असर

भारत अब खाड़ी और अफ्रीकी देशों से तेल खरीदने की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, बातचीत शुरू कर दी गई है, लेकिन इसका असर सरकारी कंपनियों के मुनाफे पर पड़ेगा। दरअसल, सरकारी कंपनियों को इन देशों से तेल खरीदने पर कम मुनाफा होगा। कंपनियों के अधिकारियों ने सरकार से इस पर बात की है, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।

रिपोर्ट: सतीश सिंह

पढ़ें :- अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई, 40 दिनों के शोक का एलान

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...