देश के तीन अहम हिस्सों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है। तीनों जगहों पर विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में मतदान जारी है। कुल 296 सीटों पर हो रही इस वोटिंग में करीब 5.3 करोड़ मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए EVM का बटन दबा रहे हैं..
vidhansabha elections 2026: देश के तीन अहम हिस्सों—असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी—में आज लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव मनाया जा रहा है। तीनों जगहों पर विधानसभा चुनाव के लिए सिंगल फेज में मतदान जारी है। कुल 296 सीटों पर हो रही इस वोटिंग में करीब 5.3 करोड़ मतदाता उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए EVM का बटन दबा रहे हैं।
शुरुआती घंटों में ही दिखा जबरदस्त जोश
सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में मतदाताओं का उत्साह साफ नजर आया। सुबह 9 बजे तक मतदान प्रतिशत इस प्रकार रहा—
•असम: 17.87%
•केरल: 16.23%
•पुडुचेरी: 17.41%
गांवों से लेकर शहरों तक लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में खास उत्साह देखने को मिला।
असम: ‘मिशन हैट्रिक’ पर NDA, विपक्ष भी पूरी ताकत में
126 सीटों वाली असम विधानसभा के लिए आज मतदान हो रहा है, जहां 2.5 करोड़ से ज्यादा मतदाता 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला कर रहे हैं। कुल 41 राजनीतिक दल मैदान में हैं, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। यहां हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की कोशिश में है। बीजेपी ने विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और कानून-व्यवस्था को बड़ा मुद्दा बनाया है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला गठबंधन, जिसमें रायजोर दल और CPI(M) शामिल हैं, महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। चुनाव से पहले सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने कामाख्या मंदिर में पूजा कर जीत की कामना की।
केरल: इतिहास रचने की कोशिश में विजयन, कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला
140 सीटों वाले केरल में 2.7 करोड़ मतदाता 883 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। इस बार चुनाव बेहद खास है क्योंकि 70 साल के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है। पिनाराई विजयन के नेतृत्व में LDF विकास और वेलफेयर योजनाओं के दम पर मैदान में है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला UDF भ्रष्टाचार और शासन के मुद्दों को उठा रहा है, जबकि BJP के नेतृत्व वाला NDA अपनी पैठ मजबूत करने में जुटा है। पिनाराई विजयन ने सुबह ही मतदान कर लोगों से ज्यादा से ज्यादा वोट डालने की अपील की।
पुडुचेरी: सत्ता के लिए बहुकोणीय जंग, रंगासामी का अनुभव बनाम गठबंधन की चुनौती
30 सीटों वाले पुडुचेरी में 10,14,070 मतदाता 294 उम्मीदवारों के बीच अपना नेता चुन रहे हैं। यहां 20 राजनीतिक दल मैदान में हैं, जिससे मुकाबला और भी पेचीदा हो गया है। यहां ऑल इंडिया NR कांग्रेस, BJP और कांग्रेस-DMK गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला है। एन. रंगासामी पांचवीं बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहे हैं। खास बात ये रही कि एन. रंगासामी मोटरसाइकिल से पोलिंग बूथ पहुंचे और मतदान से पहले मंदिर में पूजा भी की।
युवा मतदाताओं का दम: 10 लाख से ज्यादा नए वोटर
तीनों राज्यों में इस बार करीब 10 लाख से ज्यादा मतदाता पहली बार वोट डाल रहे हैं। ये युवा वोटर चुनाव के नतीजों में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
तीनों राज्यों में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान के लिए भारी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील बूथों पर विशेष नजर रखी जा रही है और चुनाव आयोग पूरी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी बनाए हुए है।
अब नजर 4 मई पर
आज भले ही वोटिंग हो रही हो, लेकिन असली तस्वीर 4 मई को सामने आएगी, जब मतगणना होगी और यह साफ हो जाएगा कि—
•असम में NDA हैट्रिक लगाती है या नहीं
•केरल में इतिहास बनता है या सत्ता बदलती है
•पुडुचेरी में कौन मारता है बाजी