नई दिल्ली। देश में इन दिनों हिंदी भाषा को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। हिंदी बोलने और पढ़ने को लेकर सियासी दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ दिग्गज नेता हिंदी पढ़ने पर जोर देने की बात कहते हैं लेकिन वो भूल जाते हैं कि उनकी ही पार्टी के
नई दिल्ली। देश में इन दिनों हिंदी भाषा को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा हुआ है। हिंदी बोलने और पढ़ने को लेकर सियासी दलों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ दिग्गज नेता हिंदी पढ़ने पर जोर देने की बात कहते हैं लेकिन वो भूल जाते हैं कि उनकी ही पार्टी के
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्राथमिक विद्यालयों को मर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। 50 से कम छात्र वाले विद्यालयों को मर्ज किया जा रहा है। हालांकि, संभल के बेसिक शिक्षा अधिकारी का एक आदेश सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसमें 70 से कम बच्चों वाले स्कूल को
लखनऊ। लखनऊ नगर निगम के स्वच्छता टेंडर में जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है। शहर की सफाई व्यवस्था के नाम पर हजारों करोड़ के टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेल किया जा रहा है। इसमें अपर नगर आयुक्त अरविंद राव और पर्यावरण इंजीनियर संजीव प्रधान अहम भूमिका निभा रहे हैं। सफाई व्यवस्था
पटना। बिहार में शराबबंदी महज एक औपचारिकता बनकर रह गई। शराब माफिया इसकी वजह से फल—फूल रहे हैं। इसमें नेताओं, ब्यूरोक्रेटस और पुलिस का इनका संरक्षण मिल रहा है। इसके कारण ये आसानी से अपने काम को अंजाम दे रहे हैं। कभी कभार पुलिस अपनी सक्रियता दिखाते हुए छोटे-मोटे शराब
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों नौकरशाही बेलगाम हो गई है। वो अपने मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। नेताओं और मंत्रियों की वो सुन नहीं कर रहे हैं। अब यूपी सरकार के कद्दावर मंत्री नंद गोपाल नंदी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अफसरशाही पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मुरादाबाद। यूपी एटीएस ने अवैध धर्मांतरण गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के बाद गिरोह के सरगना जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया। जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के पास से जो लिस्ट मिली है उसमें एक मुरादाबाद कि भी एक युवती है। साथ ही, अनुसूचित जाति एवं जनजाति को
लखनऊ। जल जीवन मिशन योजना के तहत ‘हर घर शुद्ध जल’ पहुंचाने के दावे में भ्रष्टाचार का दीमक घुस गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस महत्वाकांक्षी योजना को भ्रष्टाचारी अफसर और कर्मचारी मिलकर पलीता लगा रहे हैं। टेंडर प्रक्रिया से शुरू हुए इस योजना में भ्रष्टाचार समय के बाद
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सबसे महत्वाकांक्षी योजना ‘जल जीवन मिशन’ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती जा रही है। मध्य प्रदेश में 30 हजार करोड़ घोटाले का मामला सामने आया है। इसको लेकर अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की गयी है। ऐसा नहीं कि, ये भ्रष्टाचार सिर्फ मध्य प्रदेश तक सीमित
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कूड़ा निस्तारण के नाम पर बड़ा खेल किया जा रहा है। प्रयागराज में लगे महाकुंभ के दौरान भी कंपनियों ने कूड़ा निस्तारण के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार किया। पर्दाफाश न्यूज महाकुंभ में हुए इस भ्रष्टाचार को पहले भी उजागर किया था। अब बीबीसी की एक रिपोर्ट
लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है। उत्तर प्रदेश में इस योजना को लेकर तमाम भ्रष्टाचार की शिकायतें हुई लेकिन ना तो इस विभाग के प्रमुख सचिव पर कार्रवाई हुई और ना ही अधिकारियों पर… अब यूपी सरकार के मंत्री ही
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। इस नीति के तहत भ्रष्टाचार करने वाले अफसरों पर कार्रवाई भी हो रही है लेकिन ये अफसर कुछ दिन बाद बहाल होकर मलाईदार पोस्टिंग पा जा रहे हैं। ऐसे में आखिर सवाल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार पर शिकंजा कस रहे हैं। भ्रष्टाचारियों पर वो लगातार कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन उनके ही मंत्री मंडल में शामिल एक मंत्री और अफसर का भ्रष्टाचार से काफी लगाव बढ़ता जा रहा है। दरअसल, मंत्री के पास एक मलाईदार विभाग की जिम्मेदारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों खूब हलचल मची हुई है। यूपी सरकार की मौजूदा कार्यशैली को लेकर भी तरह तरह की चर्चाएं हो रही हैं। नेता से लेकर मंत्री तक और ब्यूरोक्रेट्स के बीच चल रही खींचतान अब जगजाहिर हो चुकी है। कई मौकों पर सत्ताधारी पार्टी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से एक जगह जमे कुछ ब्यूरोक्रेट्स के कारनामों की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। योगी सरकार बनने के बाद से अभी तक ये ब्यूरोक्रेट्स एक ही जगह पर जमे हुए हैं, जबकि इनके विभागों में हुए काम की मॉनिटरिंग के लिए प्रधानमंत्री तक
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दो ताकतवर ब्यूरोक्रेट्स के आगे सरकार के दिग्गज मंत्री बेबस नजर आए। ट्रांसफर सीजन में ये सब साफ देखने को मिला। ब्यूरोक्रेट्स की मनाननी के कारण मंत्रियों ने हाथ खड़े कर दिए और अपने विभाग में तबादला सेशन ‘जीरो’ कर दिया। कई अन्य विभागों में भी