मध्यप्रदेश के आलोट क्षेत्र के बीजेपी विधायक डॉक्टर चिंतामणि मालवीय फिलहाल चिंता में है। यह चिंता इसलिए है क्योंकि प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने उन्हें शोकॉज नोटिस थमा दिया है। दरअसल विधायक ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था।
प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की ओर से जारी नोटिस में उनसे 7 दिनों के अंदर सफाई पेश करने को कहा गया है। पार्टी ने डॉ. चिंतामणि मालवीय से पूछा है कि आपके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।
मध्य प्रदेश की राजनीति में यह मामला सामने आने के बाद बीजेपी नेताओं के बीच हलचल मच गई है। फिलहाल, एमपी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि पिछले कुछ समय से आपके द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर सरकार की आलोचना की जा रही है। आपकी गतिविधि की वजह से प्रदेश सरकार और पार्टी की छवि खराब हो रही है. आपका यह काम अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
सिंहस्थ के मुद्दे पर सामने खड़े हो गए थे विधायक
उज्जैन में साल 2028 में सिंहस्थ के मेले का आयोजन होना है।इसे लेकर मोहन यादव सरकार कुछ जमीनों को स्थाई रूप से अधिग्रहित कर किसानों के लिए साधु संतों के लिए स्थाई आश्रम और धर्मशाला बनाने के लिए उन्हें देने की योजना बना रही है। इस दौरान किसानों को उनकी जमीन का आधा हिस्सा डेवलप कर दिया जाएगा। वहीं इस योजना पर आलोट से बीजेपी के विधायक चिंतामणि मालवीय ने सवाल खड़े कर दिए । चिंतामणि मालवीय का कहना है कि सरकार की योजना किसान विरोधी है। इस पर सरकार को एक बार फिर विचार करना चाहिए। अभी योजनाओं को लागू नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार के हित में आवाज को उठाया है।सिंहस्थ टेंट तंबू में आयोजित किया जाता है। इसके लिए किसान अस्थाई रूप से जमीन अधिग्रहित करवाने को तैयार है, मगर स्थाई रूप से किसान जमीन देने को तैयार नहीं है।
विधायक बोले- मैं माफी नहीं मांगूगा
इधर बीजेपी विधायक डॉक्टर चिंतामणि मालवीय का कहना है कि उन्हें कोई नोटिस नहीं मिला है लेकिन नोटिस मिलता भी है तो उन्होंने कुछ गलत नहीं किया है और वे माफी नहीं मांगेंगे। अगर नोटिस मुझे मिलेगा तो मैं उसके तथ्यानुरूप जवाब से पार्टी को अवगत कराऊंगा।