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BJP-RSS लगातार, भारत की उच्च शिक्षा पर है हमलावार…कांग्रेस अध्यक्ष ने साधा निशाना

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, BJP-RSS लगातार, भारत की उच्च शिक्षा पर हमलावार है! नरेंद्र मोदी जी, आप “Pariksha Par Charcha” और “Exam Warriors” से अपना ढोल पीटते हैं, पर National Talent Search Examination Scholarship (NTSE) को तीन वर्षों से बंद कर दिया गया है, ऐसा समाचार पत्रों से पता चला है। 1963 से चलाई जा रही इस स्कीम पर ₹40 करोड़ ख़र्च होते पर मोदी जी के PR पर ₹62 करोड़ खर्च हुए हैं।

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण करना, स्वायत्त संस्थानों का गला घोंटना, सार्वजनिक शिक्षा पर RSS की मनुवादी विचारधारा थोपना और युवाओं के साथ विश्वासघात करना—यही मोदी सरकार की शिक्षा नीति है।

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मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, BJP-RSS लगातार, भारत की उच्च शिक्षा पर हमलावार है! नरेंद्र मोदी जी, आप “Pariksha Par Charcha” और “Exam Warriors” से अपना ढोल पीटते हैं, पर National Talent Search Examination Scholarship (NTSE) को तीन वर्षों से बंद कर दिया गया है, ऐसा समाचार पत्रों से पता चला है। 1963 से चलाई जा रही इस स्कीम पर ₹40 करोड़ ख़र्च होते पर मोदी जी के PR पर ₹62 करोड़ खर्च हुए हैं।

उन्होंने आगे लिखा, UGC के Draft Regulations 2025 राज्यपालों को कुलपति नियुक्तियों पर व्यापक नियंत्रण प्रदान करते हैं और गैर-शैक्षणिक लोगों को इन पदों पर रहने की अनुमति देते हैं, जो संघीय ढांचे (Federalism) और राज्य के अधिकारों पर सीधा हमला है। BJP-RSS चाहती है कि केवल संघ परिवार के कुलपति नियुक्त हों।

पहले UGC विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रही थी, UGC को सरकार Fund देती थी। पर अब वित्तीय सहायता देने के काम को मोदी सरकार द्वारा बनाई गई HEFA ने हड़प लिया है-यह केनरा बैंक और शिक्षा मंत्रालय के बीच एक उपक्रम है। इससे न केवल कॉलेजों और विश्वविद्यालयों को अधिक Self-Financed Courses शुरू करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा, बल्कि SC, ST, OBC और EWS छात्रों की वित्तीय परेशानियां भी बढ़ेंगी।

उन्होंने आगे लिखा, ऊपर से यह सहायता HEFA को सरकारी Fund के रूप में नहीं, बल्कि Loan के रूप में दी जा रही है। UGC के बजट में 61% की ज़बरदस्त कटौती की गई है।विश्वविद्यालयों पर नियंत्रण करना, स्वायत्त संस्थानों का गला घोंटना, सार्वजनिक शिक्षा पर RSS की मनुवादी विचारधारा थोपना और युवाओं के साथ विश्वासघात करना—यही मोदी सरकार की शिक्षा नीति है।

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