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मोदी सरकार की विफल नीतियों के कारण देश का आम आदमी दो वक्त की रोटी तक नहीं जुटा पा रहा : पवन खेड़ा

पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, रोटी, कपड़ा और मकान के लिए कब तक तरसेगा इंसान? मोदी सरकार की विफल नीतियों के कारण देश का आम आदमी आज दो वक्त की रोटी तक नहीं जुटा पा रहा है: उन्होंने आगे लिखा, पिछले साल अक्टूबर से इस साल अक्टूबर तक संतुलित भोजन की कीमत में 52% की चौंकाने वाली वृद्धि हुई है?

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने केंद्र की मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, केंद्र सरकार की विफल नीतियों के कारण आम आदमी दो वक्त की रोटी नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने इसके पीछे एक रिपोर्ट का हवाला देकर सरकार को घेरा है।

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पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया एक्स पर एक रिपोर्ट को शेयर करते हुए लिखा, रोटी, कपड़ा और मकान के लिए कब तक तरसेगा इंसान? मोदी सरकार की विफल नीतियों के कारण देश का आम आदमी आज दो वक्त की रोटी तक नहीं जुटा पा रहा है: उन्होंने आगे लिखा, पिछले साल अक्टूबर से इस साल अक्टूबर तक संतुलित भोजन की कीमत में 52% की चौंकाने वाली वृद्धि हुई है, जबकि औसत वेतन में मात्र 9-10% की मामूली बढ़ोतरी हुई है। इस वृद्धि का मुख्य कारण 13 आवश्यक वस्तुओं – जैसे नमक, आटा, प्याज़, लहसुन, आलू, और टमाटर-की खुदरा कीमतों में भारी उछाल है।

अक्टूबर 2023 से अक्टूबर 2024 के बीच टमाटर की कीमत 247%, आलू की 180% और लहसुन की 128% बढ़ गई है। एक परिवार के लिए दिन में दो थाली भोजन तैयार करने की मासिक लागत 2023 में 3,053 रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर 4,631 रुपये हो गई है। इस महंगाई के चलते दिहाड़ी मजदूरों को अपनी मासिक आमदनी का एक बड़ा हिस्सा खाने पर खर्च करना पड़ रहा है।

उन्होंने आगे लिखा, इसका सबसे गहरा असर उन परिवारों पर पड़ता है, जहां महिलाएं एकमात्र कमाने वाली होती हैं। मोदी जी, ज़रा सत्ता की भूख का चश्मा उतारिए और देखिए, आपके शासन में लोग भूख से मर रहे हैं।

 

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