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EOS 03 Satellite बाढ़ और चक्रवात जैसी आपदाओं पर रखेगा नजर, लॉन्चिंग का काउंटडाउन शुरू

EOS 03 Satellite, In hindi, Today, live, news, latest breaking,floods,cyclones, countdown for satellite launch begins भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) गुरुवार 12 अगस्त को नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस से तीन दिन पहले अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। इस सैटेलाइट के लांच होते ही बाढ़ (Floods) और चक्रवात (Cyclones)  जैसी आपदाओं पर भारत अब अंतरिक्ष से भी देश पर नजर रखी जा सकेगी। बता दें कि इसरो पृथ्वी की निगरानी करने वाले अपने देश के पहले उपग्रह EOS -03 का प्रक्षेपण करने वाला है।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) गुरुवार 12 अगस्त को नया कीर्तिमान रचने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस से तीन दिन पहले अंतरिक्ष में एक बड़ी छलांग लगाने जा रहा है। इस सैटेलाइट के लांच होते ही बाढ़ (Floods) और चक्रवात (Cyclones)  जैसी आपदाओं पर भारत अब अंतरिक्ष से भी देश पर नजर रखी जा सकेगी। बता दें कि इसरो पृथ्वी की निगरानी करने वाले अपने देश के पहले उपग्रह EOS -03 का प्रक्षेपण करने वाला है। इसके लिए काउंटडाउन (Countdown)  शुरू हो चुका है। इसके सफल होने के बाद से भारत की ताकत में बढ़ोत्तरी होगी। इस उपग्रह के लांच होने के बाद भारत में आने वाली बाढ़ (Floods) और चक्रवात (Cyclones) जैसी आपदाओं की निगरानी रखने में सक्षम होगा।

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इसरो ने ट्वीट कर काउंटडाउन शुरू होने की जानकारी दी है। इसमें लिखा है कि ‘जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल-एफ 10 EOS -03 के प्रक्षेपण के लिए काउंटडाउन आज सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC) शार, श्रीहरिकोटा पर शुरू हो चुका है। इसरो ने बताया कि प्रक्षेपण 12 अगस्त को सुबह पांच बजकर 43 मिनट पर किया जाएगा। हालांकि, यह मौसम संबंधी स्थिति पर निर्भर करेगा।

EOS 03 अति उन्नत उपग्रह है, जिसे GSLV-F10 यान की मदद से धरती की कक्षा में स्थापित किया जाएगा। अगर यह परीक्षण सफल होता है तो भारत की ताकत में और इजाफा होगा और मौसम संबंधी गतिविधियों को समझने में और आसानी होगी।
जानिए सैटेलाइट और इसकी खासियत 

बताया जा रहा है कि जीएसएलवी उड़ान उपग्रह को 4 मीटर व्यास-ओगिव आकार के पेलोड फेयरिंग में ले जाएगी, जिसे रॉकेट पर पहली बार उड़ाया जा रहा है, जिसने अब तक अंतरिक्ष में उपग्रह और साझेदार मिशनों को तैनात करने वाली 13 अन्य उड़ानें संचालित की हैं।

इसके बारे में कहा जा रहा है कि ईओएस-03 उपग्रह एक दिन में पूरे देश की चार-पांच बार तस्वीर लेगा, जो मौसम और पर्यावरण परिवर्तन से संबंधित प्रमुख डेटा भेजेगा।

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ईओएस-03 उपग्रह भारतीय उपमहाद्वीप में बाढ़ और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं की लगभग रीयल टाइम निगरानी में सक्षम होगा क्योंकि यह प्रमुख पर्यावरणीय और मौसम परिवर्तनों से गुजरता है।

सी-51 ने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र (Sriharikota Space Center) से  भरी थी उड़ान

इससे पहले 28 फरवरी को इसरो ने साल के पहला मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया था। भारत का रॉकेट 28 फरवरी को श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से पहली बार ब्राजील का उपग्रह लेकर अंतरिक्ष रवाना हो हुआ था। ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों को लेकर भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 ने श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र (Sriharikota Space Center) से उड़ान भरी थी। इस अंतरिक्ष यान (Space ship) के शीर्ष पैनल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर उकेरी गई थी।

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