राहुल गांधी ने कहा कि हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं। राहुल ने कई और वैश्विक मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ जनता के सामने आज चुनौतियां काफी अलग हैं।
नई दिल्ली। संसद में लंबे गतिरोध के बाद लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बजट 2026 पर चर्चा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा, मार्शल आर्ट की फाउंडेशन ग्रिप से शुरू होती है। लक्ष्य होता है कि ग्रिप मिलने के बाद चोक लेकर गला पकड़ लिया जाए। ऐसा करते समय जब खिलाड़ी के हाथ में चोक आ जाता है, तो ये उसकी आंख में दिख जाता है। उसे समझ आ जाता है कि मैंने इसे पकड़ लिया है। जिसे पकड़ा जाता है, वो 2-3 बार छूटने की कोशिश करता है, लेकिन फिर उसे भी पता चल जाता है- अब मैं गया।
बात वहीं खत्म हो जाती है और जिसे पकड़ा जाता है वो टैप कर ‘सरेंडर’ कर देता है। ग्रिप राजनीति में भी होती है। फर्क ये है कि मार्शल आर्ट में ग्रिप नजर आती है, लेकिन राजनीति में किसने-कहां ग्रिप ले रखी है, कौन कहां चोक ले रहा है- वो नजर नहीं आता। जब मार्शल आर्ट में चोक लगाते हैं, तो चोक हो रहे आदमी की आंख में डर दिखता है। उसी तरह यहां नरेंद्र मोदी की आंख में डर दिखता है, वे आंख में आंख नहीं मिला पाते हैं। Epstein केस में 3 मिलियन फाइल अभी आनी बाकी हैं।
उन्होंने आम बजट और वित्त मंत्रालय की तरफ से पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैं आर्थिक सर्वे को देख रहा था। दो बिंदु मुझे दिखे। पहला बिंदु- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जहां भू-राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ती जा रही है। यानी जो अमेरिका आधारित सिस्टम था, उसे चुनौती मिल रही है। उसे अब रूस और चीन फिर से चुनौती दे रहे हैं। दूसरा- हम ऐसी दुनिया में रह रहे हैं, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार बना लिया गया है।’
राहुल गांधी ने कहा कि हम स्थिरता वाली दुनिया से अस्थिरता वाली दुनिया में जा रहे हैं। प्रधानमंत्री और एनएसए ने कुछ समय पहले चौंकाने वाले रूप से कहा था कि युद्ध का समय अब खत्म हो चुका था। लेकिन यूक्रेन में संघर्ष जारी है, ईरान में संघर्ष हो रहा है। यानी हम स्थिरता से अस्थिरता की तरफ जा रहे हैं। राहुल ने कई और वैश्विक मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि देश की 140 करोड़ जनता के सामने आज चुनौतियां काफी अलग हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि हमने ऑपरेशन सिंदूर किया था। तो हम अस्थिरता की दुनिया में जा रहे हैं। डॉलर को चुनौती दी जा रही है। जैसा कि दूसरी तरफ मेरे दोस्त समझते हैं, मुख्य खेल यह है कि डॉलर को चुनौती दी जा रही है। अमेरिका के दबदबे को चुनौती दी जा रही है। हम एक सुपरपावर वाली दुनिया से किसी नई दुनिया में जा रहे हैं, जिसका हम सच में अंदाजा नहीं लगा सकते।