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आजाद भारत में पहली बार ‘सूट-बूट वाली मोदी सरकार’ ने इनकम टैक्स को कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा कर दिया : सुप्रिया श्रीनेत

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, मोदी सरकार अगले कुछ दिनों में बजट पेश करेगी, जो देश की दशा और दिशा तय करेगा। इस बजट से यह भी तय होगा कि जनता को कैसी राहत मिलेगी। आजाद भारत में पहली बार 'सूट-बूट वाली मोदी सरकार' ने इनकम टैक्स को कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा कर दिया है। टैक्स के नाम पर आम आदमी का गला रेता जा रहा है।

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता देशभर के विभिन्न हिस्सों में जीएसटी को लेकर प्रेस कॉफ्रेंस किए। इस दौरान उन्होंने जीएसटी को लेकर उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सुप्रीया श्रीनेत ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि, आजाद भारत में पहली बार ‘सूट-बूट वाली मोदी सरकार’ ने इनकम टैक्स को कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा कर दिया है। टैक्स के नाम पर आम आदमी का गला रेता जा रहा है।

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सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, मोदी सरकार अगले कुछ दिनों में बजट पेश करेगी, जो देश की दशा और दिशा तय करेगा। इस बजट से यह भी तय होगा कि जनता को कैसी राहत मिलेगी। आजाद भारत में पहली बार ‘सूट-बूट वाली मोदी सरकार’ ने इनकम टैक्स को कॉर्पोरेट टैक्स से ज्यादा कर दिया है। टैक्स के नाम पर आम आदमी का गला रेता जा रहा है।

उन्होंने आगे कहा, इस कड़ी में गब्बर सिंह टैक्स यानी GST की बात करनी भी जरूरी है, क्योंकि आप जो भी खरीदते हैं, उस पर GST देना पड़ता है। माचिस की डिब्बी, मग, कॉटन शर्ट, आटा, दही, दवाई, पढ़ाई से लेकर पॉपकॉर्न…सब पर GST है। हाल ये है कि 64% GST का कलेक्शन इस देश की निचली 50% आबादी से आ रहा है।

वहीं, कांग्रेस नेता शक्ति सिंह गोहिल ने कहा, आम नागरिक महीने में जितना पैसा कमाता है, उसमें से ज्यादातर पैसे खर्च हो जाते हैं। आज कमाई में बचत नहीं रह गई है। मनमोहन सिंह जी ने कहा था-GST लोगों को राहत देने के लिए है, उनको लूटने के लिए नहीं है, लेकिन BJP ने उसका उल्टा कर दिया। देश का आम नागरिक दो तिहाई से ज्यादा टैक्स देता है, लेकिन मोदी जी के चहेते लोगों की GST में भागीदारी सिर्फ 3% है। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि ये गैप कितना बड़ा है।

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