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रमजान महीने में सस्ती खजूर को मंहगे खजूर के डिब्बो में पैक कर बेच रहे है फल कारोबारी, जीएसटी विभाग को लगा रहे है चूना

रमजान में खजूर से रोजा इफ्तार करने वाले रोजेदार सावधान हो जाये अगर आप ईरानी किमिया गोल्ड, किमिया डेटस नाम की खजूर 200 से 300 रूपये किलो खरीद रहे है तो आपको ठगा जा रहा है

By Sushil Singh 
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मुरादाबाद:- रमजान के पवित्र महीने में खजूर की मांग आसमान छू रही है, लेकिन फल मंडी के थोक विक्रेताओं द्वारा सस्ते दामों वाली खजूर को महंगे ब्रांडेड खजूर के डिब्बों में पैक कर बाजारों में सप्लाई करने का खेल जोरों पर है. थोक मंडी के आढ़तियों के अनुसार जिले में हर महीने करोड़ों रुपये का खजूर कारोबार होता है. जिसमें बड़े पैमाने पर यह हेराफेरी मोटा मुनाफा कमाने के लिए की जा रही है. मंडी में सस्ती लोकल खजूर को नामी ब्रांड्स जैसे ‘मक्का’ या ‘मदीना’ के स्टीकर्स चिपकाकर प्लास्टिक के आकर्षक डिब्बों में पैक किया जा रहा है.

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रमजान में खजूर से रोजा इफ्तार करने वाले रोजेदार सावधान हो जाये अगर आप ईरानी किमिया गोल्ड, किमिया डेटस नाम की खजूर 200 से 300 रूपये किलो खरीद रहे है तो आपको ठगा जा रहा है क्यूंकि 20 से 50 रूपये किलो आने वाली हदखोदा मजाफती खजूर को किमिया डेटस और मरियम मज़ाफ़ती बाम खजूर को किमिया गोल्ड के प्लास्टिक के डिब्बो में पैक हो रही है. फल मंडी में उपभोक्ताओं को चूना लगाने के इस धंधे से थोक व्यापारी लाखों कमा रहे हैं. जबकि आम खरीदार महंगे दाम चुकाने को मजबूर हैं. आढ़तियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सस्ती खजूर 20 से 50 रुपये किलो बिकती है, लेकिन ब्रांडेड पैकिंग के बाद 200 से 300 रुपये तक बेची जा रही है. रमजान से पहले मंडी में खजूर का स्टॉक काफी मात्रा में एकत्र है, लेकिन गुणवत्ता की जांच के अभाव में यह खेल फल-फूल रहा. खजूर की पेकिंग करते दिखे नाबालिक :-

फल मंडी में आढ़ती सस्ती खजूर को ब्रांडेड खजूर के डिब्बो में पैक करके बेचने का मामला तो सामने आया ही है. साथ ही जिन आढ़तीयों के यहां पर यह खजूर पैक हो रही है वहां पर अधिकांश नाबालिक बच्चे और बच्चियों इस पैकिंग को करते हुए दिखाई दे रही है.

सूत्रों की माने तो इन आढ़तीयों के पास ना तो पैकिंग करने का लाइसेंस है, साथ ही यह आढ़ती जीएसटी विभाग को चूना लगा रहे है.

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सुशील कुमार सिंह

मुरादाबाद

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