श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) में चढ़ावा चोरी की बात सामने आने से सबसे ज्यादा आहत साधु-संत समाज नजर आ रहा है। श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज (Mahant Acharya Dharmdas Maharaj of the Shri Ram Janmabhoomi Seva Samiti) ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का धन्यवाद दिया।
नई दिल्ली: श्रीराम जन्मभूमि मंदिर (Shri Ram Janmabhoomi Temple) में चढ़ावा चोरी की बात सामने आने से सबसे ज्यादा आहत साधु-संत समाज नजर आ रहा है। श्रीराम जन्मभूमि सेवा समिति के महंत आचार्य धर्मदास महाराज (Mahant Acharya Dharmdas Maharaj of the Shri Ram Janmabhoomi Seva Samiti) ने इस मुद्दे को उठाने के लिए समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) का धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि जब मंदिर चलाने का काम आयोग्य लोगों को दिया गया, तो ऐसा ही होना था। ये जिसका काम था, उसी को दिया जाना चाहिए था।
काम अयोग्य लोगों को मिला
राम मंदिर में आखिर कैसे चढ़ावा चोरी हो गया, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? महंत धर्मदास (Mahant Dharmdas) ने इस पर कहा कि ऐसा है कि अगर अयोग्य व्यक्तियों को मंदिर के संचालन का काम सौंपा जाएगा, तो ऐसा ही होना था। चढ़ावे की गिनती के लिए ऐसे लोगों को रखा गया, जिनका वो काम नहीं था। इसलिए ये गड़गड़ी हुई है।
चंपत राय (Champat Rai) ने पुलिस पूछताछ में कहा कि चढ़ावे की हेराफेरी में उनकी भूमिका नहीं है, लेकिन माना है कि गड़बड़ी की जानकारी उन्हें मिल गई थी। इस पर महंत धर्मदास ने कहा कि इस मामले में जिस किसी से भी गलती हुई है, उसका हिसाब रामजी कर देंगे। सब हनुमान जी और राम जी ठीक कर देंगे। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों से मेरी अपील है कि राम जन्मभूमि चंदा चोरी विवाद पर शांति बनाए रहिए अपने आप सब काम हो जाएगा।