1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. म्यांमार की मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत, वायुसेना के विमान से यंगून भेजीं दवाइयां और राहत सामग्री

म्यांमार की मदद के लिए सबसे पहले आगे आया भारत, वायुसेना के विमान से यंगून भेजीं दवाइयां और राहत सामग्री

Myanmar Earthquake: भारत ने पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य करते हुए म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद 15 टन राहत सामग्री भेजी है। यंगून में पहुंची इस सहायता में प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए टेंट, कंबल, भोजन, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाइयाँ शामिल हैं।

By Abhimanyu 
Updated Date

Myanmar Earthquake: भारत ने पहले प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य करते हुए म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद 15 टन राहत सामग्री भेजी है। यंगून में पहुंची इस सहायता में प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए टेंट, कंबल, भोजन, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाइयाँ शामिल हैं।

पढ़ें :- Israel-Iran War: हमले में ईरान के रक्षामंत्री और सैन्य कमांडर के मौत की खबर, इजरायल ने किया दावा

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार को एक्स पोस्ट में लिखा, ‘ऑपरेशन ब्रह्मा – भारत कल के भीषण भूकंप से प्रभावित म्यांमार के लोगों की सहायता के लिए प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में कार्य कर रहा है। टेंट, कंबल, स्लीपिंग बैग, खाद्य पैकेट, स्वच्छता किट, जनरेटर और आवश्यक दवाओं सहित 15 टन राहत सामग्री की हमारी पहली खेप यांगून पहुंच गई है।’

इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लिखा, ‘म्यांमार के लोगों के लिए तत्काल मानवीय सहायता की पहली खेप भेजी। भारतीय वायुसेना का C-130 विमान कंबल, तिरपाल, स्वच्छता किट, स्लीपिंग बैग, सोलर लैंप, भोजन के पैकेट और रसोई सेट लेकर जा रहा है। इस उड़ान के साथ एक खोज और बचाव दल और चिकित्सा दल भी है। हम घटनाक्रम पर नज़र रखना जारी रखेंगे और आगे और सहायता भेजी जाएगी।’

पढ़ें :- एआई समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन करने के मामले में उदयभानु चिब को मिली जमानत, रविवार को आ सकते है जेल से बाहर

म्यांमार में भूकंप के बाद पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक्स पोस्ट के जरिये कहा, ‘म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। इस संबंध में, हमने अपने अधिकारियों से तैयार रहने को कहा है। साथ ही विदेश मंत्रालय से म्यांमार और थाईलैंड की सरकारों के साथ संपर्क में रहने को कहा है।’

बता दें कि म्यांमार और थाइलैंड में आए शक्तिशाली भूकंप ने दोनों देशों में भीषण तबाही मचाई है। शुक्रवार, 28 मार्च को 7.7 की तीव्रता वाले इस भूकंप के बाद म्यांमार के सागाइंग क्षेत्र से लेकर थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक तक धरती को हिलाकर रख दिया। जिसके बाद आए 7.0 तीव्रता के एक और भूकंप ने स्थिति को और भयावह बना दिया। हर तरफ मलबे का ढेर, टूटी सड़कें, और ढहती इमारतों का मंजर फैला हुआ है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को म्यांमार और थाईलैंड के साथ-साथ चीन, नेपाल और भारत में भूकंप के झटके महसूस किए गए। देर रात म्यांमार और अफगानिस्तान में एक बार फिर झटके महसूस हुए। शनिवार सुबह करीब 5 बजकर 16 मिनट पर अफगानिस्तान में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया। न्यूज एजेंसी एएफपी ने म्यांमार की सेना (जुंटा) के हवाले से बताया है कि भूकंप में अबतक 694 लोगों की मौत हुई है, जबकि 1,670 घायल हुए हैं।

पढ़ें :- Israel-Iran War: ईरान-इजरायल और यूएस के बीच बढ़ रहा तनाव, बमबारी में अब तक 51 छात्राओं समेत 54 की मौत

बताया जा रहा है कि घायलों की संख्या ज्यादा होने के चलते अस्पतालों में खून की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मृतकों की संख्या अगले कुछ दिनों में और बढ़ सकती है। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस भूकंप से मरने वालों की संख्या 1,000 से अधिक हो सकती है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...