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Germany Wildfire drone technology : एआई संचालित ड्रोन जर्मन जंगलों में लगी आग का लगाएंगे पता , विकसित की जा रही ये तकनीक

जर्मनी में बर्लिन के नजदीक, खुले खेतों में एक हरे रंग का गोला लगाया गया है। देखने में यह गोला सोलर पैनलों से ढकी हुई एक बड़ी सी गोल्फ गेंद के जैसा लगता है। असल में यह एक एआई-पावर्ड ड्रोन का हैंगर है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Germany Wildfire drone technology : जर्मनी में बर्लिन के नजदीक, खुले खेतों में एक हरे रंग का गोला लगाया गया है। देखने में यह गोला सोलर पैनलों से ढकी हुई एक बड़ी सी गोल्फ गेंद के जैसा लगता है। असल में यह एक एआई-पावर्ड ड्रोन का हैंगर है। ड्रोन निर्माताओं को उम्मीद है कि भविष्य में यह जंगली आग के शुरू होने के कुछ ही मिनटों के अंदर उसे ‘सूंघ’ लेगा और बुझा देगा। जंगल में लगी आग का जल्दी पता लगाने में माहिर एक कंपनी ने एक नया, एआई-आधारित ड्रोन विकसित किया है, जिसके बारे में उसका कहना है कि यह आग का पता लगाने, स्थान निर्धारण और निगरानी में तेज़ी लाने में मदद करेगा।

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खबरों के अनुसार, जर्मन कंपनी ड्रायैड(German company Dryad) के सीईओ कार्स्टन ब्रिंकशुल्ट ने एक प्रदर्शन के दौरान समाचार एजेंसी एएफपी को बताया, “आग पहले के मुकाबले आज कहीं ज्यादा तेजी से और ज्यादा आक्रामक रूप से फैल रही है। इसका यह भी मतलब है कि हमें और ज्यादा जल्दी प्रतिक्रिया देनी होगी।”

ड्रायर्ड नेटवर्क्स द्वारा सिल्वागार्ड ड्रोन (Silvaguard Drone) को गुरुवार को बर्लिन के बाहर एबर्सवाल्ड (Eberswalde) में पेश किया गया, क्योंकि अत्यधिक गर्मी और जलवायु परिवर्तन से प्रेरित जंगल की आग दुनिया भर में एक आम, अक्सर घातक घटना बन रही है।   ड्रोन अन्य चीज़ों के अलावा इन्फ्रारेड इमेज (Infrared image) भी देगा और कंपनी द्वारा पहले विकसित की गई आग का पता लगाने वाली प्रणाली के साथ मिलकर काम करेगा, जिसका इस्तेमाल पहले से ही कई देशों में किया जा रहा है।

सिल्वानेट (Sylvanet) नामक आग का पता लगाने वाली प्रणाली को वायरलेस नेटवर्क से जुड़े सौर ऊर्जा (Solar power connected to wireless network) से चलने वाले गैस सेंसर (Gas sensor) का उपयोग करके सुलगते हुए चरण में जंगल की आग का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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प्रत्येक गैस सेंसर एक फुटबॉल मैदान के आकार के क्षेत्र की रक्षा कर सकता है और एक पेड़ से जुड़ा हो सकता है। योजना यह है कि एक बार सिल्वानेट आग का पता लगा लेता है, तो यह पास के सिल्वागार्ड ड्रोन (Silvaguard Drone) को उस स्थान पर उड़ान भरने और विस्तृत तस्वीरें प्रदान करने के लिए ट्रिगर करेगा।

ड्रायड नेटवर्क्स के सीईओ और सह-संस्थापक कार्स्टन ब्रिंक्सचुल्टे ने कहा, “आज हमने सिल्वेनेट – सौर ऊर्जा से चलने वाले गैस सेंसर जो कुछ ही मिनटों में आग का पता लगा लेते हैं – और सिल्वागार्ड का संयोजन देखा, जो एक स्वायत्त, एआई सक्षम ड्रोन का पहला प्रोटोटाइप है जिसे हमने आग लगने की स्थिति में भेजा था।”

उन्होंने नए विकसित ड्रोन के बारे में कहा, “ड्रोन ने सेंसर के स्थान पर स्वायत्त रूप से उड़ान भरी, आग का पता लगाया और आग के बिंदु से ओवरहेड इन्फ्रारेड और ऑप्टिकल वीडियो दिया।”

कंपनी अभी भी अधिकारियों से सिल्वागार्ड ड्रोन के व्यावसायिक उपयोग (Commercial Uses of Silvaguard Drones)के लिए हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रही है।

 

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