. वैश्विक भू-राजनीतिक हलचलों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है। बाधा बने क्षेत्र से सुरक्षित निकलकर एक और मालवाहक जहाज ग्रीन आशा मुंबई पहुंचा है।
Indian Tankder Green Asha : वैश्विक भू-राजनीतिक हलचलों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है। बाधा बने क्षेत्र से सुरक्षित निकलकर एक और मालवाहक जहाज ग्रीन आशा मुंबई पहुंचा है। यह एलपीजी टैंकर अपने साथ 15 हजार टन LPG लेकर आया है। यह मालवाहक पोत बीते रविवार को होर्मुज को पार किया। ग्रीन आशा पश्चिम एशिया युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाला आठवां भारतीय ध्वज वाला Merchant ship है। ये सभी आठ LPG Tanker वाले जहाज है। स्वामित्व एमओएल इंडिया के पास है। एमओएल इंडिया, जापान की वैश्विक शिपिंग कंपनी मित्सुई ओएसके लाइन्स (Mitsui O.S.K. Lines) की भारतीय शाखा है। इस टैंकर की डेडवेट क्षमता 26,000 टन से अधिक है।
होर्मुज पार कर भारत आने वाले जहाजों के बारे में बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय (Ministry of Ports, Shipping and Waterways) में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 46,650 टन एलपीजी से लदा टैंकर ‘ग्रीन सानवी’ कल यानी सात अप्रैल को भारत पहुंचेगा।
वहीं, 15,500 टन गैस लेकर ‘ग्रीन आशा’टैंकर (‘Green Asha’ Tanker) नौ अप्रैल को भारतीय तट पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते भारतीय समुद्री परिचालन (Indian Maritime Operations) सुरक्षित और निर्बाध बना हुआ है। दो LPG Tanker इस जलडमरूमध्य से आगे बढ़ गए हैं जबकि 433नाविकों के साथ भारतीय ध्वज वाले 16 जहाज अभी उसी इलाके में हैं।