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तिहाड़ जेल से इनेलो सुप्रीमो ओम प्रकाश चौटाला रिहा, दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर जोरदार स्वागत

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष ओपी चौटाला जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा पूरी होने के बाद शुक्रवार को तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया गया है। 

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और इंडियन नेशनल लोकदल के अध्यक्ष ओपी चौटाला जेबीटी भर्ती घोटाले में सजा पूरी होने के बाद शुक्रवार को तिहाड़ जेल से रिहा हो गए हैं। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया गया है।

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इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री व इंडियन नेशनल लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश चौटाला आज करीब सुबह 9.30 बजे अपनी रिहाई के लिए तिहाड़ जेल पहुंचे। यहां कागजी कार्रवाई पूरी कर रिहाई के फार्म पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान उनके पोते कर्ण चौटाला उनके साथ रहे।

तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद इनेलो सुप्रीमो गुरुग्राम स्थित अपने आवास के लिए रवाना हुए। दिल्ली-गुरुग्राम बार्डर पर हजारों की संख्या में इनेलो पार्टी के कार्यकर्ता अपने नेता का स्वागत करने पहुंचे हैं।

ओम प्रकाश चौटाला ने जेल में 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास की

सजा के समय़ का सदुपयोग करते हुए हरियाणा के 82 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने 12वीं क्लास की परीक्षा प्रथम श्रेणी में पास कर डाली। सजा के दौरान वह तिहाड़ जेल में कैदियों के लिए बनाए गए सेंटर पर नेशनल ओपन स्कूल द्वारा कराई गई 12वीं की परीक्षा में शामिल हुए थे। अंतिम परीक्षा 23 अप्रैल को हुई थी। वह इस दौरान पैरोल पर रिहा थे, लेकिन चूंकि परीक्षा केन्द्र जेल परिसर के अंदर था, वह वापस जेल आए और परीक्षा में शामिल हुए।

जानें क्या है जेबीटी मामला?

बता दें कि सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 22 जनवरी 2013 को चौटाला समेत कुल 55 आरोपियों को इस मामले में सश्रम कारावास की सजा सुनाई थी। सीबीआई का आरोप है कि आरोपियों ने अवैध तरीके से 3206 जूनियर बेसिक टीचरों की भर्ती की थी। यह भर्ती 2000 में की गई थी और उस समय ओम प्रकाश चौटाला हरियाणा के मुख्यमंत्री थे। आरोपियों ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान ओपी चौटाला को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दी गई थी। बाद में हाई कोर्ट ने अक्टूबर, 2014 में उन्हें जेल के सामने सरेंडर करने का आदेश दिया था।

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