AFP की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (President Masoud Pezeshkian) के साथ फ़ोन पर बातचीत के दौरान कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और पश्चिमी एशियाई देश तथा अमेरिका के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत चल रही है।
नई दिल्ली। AFP की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने रविवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियान (President Masoud Pezeshkian) के साथ फ़ोन पर बातचीत के दौरान कहा कि रूस मध्य पूर्व में शांति प्रयासों में मध्यस्थता करने के लिए तैयार है। यह बात ऐसे समय में कही गई है जब इस क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और पश्चिमी एशियाई देश तथा अमेरिका के बीच संघर्ष विराम को लेकर बातचीत चल रही है। रूसी नेता ने इससे पहले भी शत्रुता को तत्काल रोकने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया था और सैन्य कार्रवाई के बजाय राजनीतिक और कूटनीतिक माध्यमों से संघर्ष को सुलझाने का आह्वान किया था।
पुतिन ने पहले भी जारी हिंसा और इसके व्यापक क्षेत्रीय प्रभावों पर चिंता व्यक्त की है, और स्थिति को शांत करने के व्यापक प्रयासों के तहत खाड़ी देशों सहित कई पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखा है। यह पहल मध्य पूर्व में गहराते संकट के बीच खुद को एक प्रमुख कूटनीतिक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करने के मॉस्को के प्रयास को दर्शाती है। इस क्षेत्र में बढ़ती शत्रुता ने क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
ईरान-इज़राइल संघर्ष में रूस मध्यस्थ की भूमिका निभाकर एक बड़ा भू-राजनीतिक खेल खेल रहा है, जहां व्लादिमीर पुतिन इस संकट का उपयोग यूक्रेन में अमेरिकी मदद को कम करने के लिए एक रणनीतिक दांव के रूप में कर रहे हैं। यह घटनाक्रम वैश्विक शक्ति संतुलन को बदलने की रूसी कोशिशों को दर्शाता है, जिसमें मिडिल ईस्ट का संकट एक मोहरा बन गया है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने अमेरिका को एक मुश्किल भू-राजनीतिक जाल में फंसा दिया है, जबकि रूस मध्यस्थता की आड़ में अपने रणनीतिक हित साध रहा है। यह संघर्ष रूस-ईरान के बढ़ते सैन्य सहयोग और यूक्रेन युद्ध से गहराई से जुड़ा है, जहाँ पुतिन वैश्विक खेल की दिशा तय करते दिख रहे हैं। रूस ने ईरान-इज़राइल तनाव को शांत करने की पेशकश की है, लेकिन पर्दे के पीछे यह यूक्रेन पर एक बड़ी डील का हिस्सा है, जिसमें अमेरिका से सैन्य मदद रोकने की शर्त रखी गई है। यह दिखाता है कि यह क्षेत्रीय संघर्ष अब एक वैश्विक रणनीतिक शतरंज बन चुका है, जिसमें रूस एक अहम चाल चल रहा है।