गुरुवार देर रात यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव की मौत से हड़कंप मच गया। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दुर्गेश मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले थे और जौनपुर में परिवार के साथ रह रहे थे। वह सुजानगंज क्षेत्र की सराय पड़री स्थित यूनियन बैंक शाखा में प्रबंधक के पद पर तैनात थे...
जौनपुर : गुरुवार देर रात यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक दुर्गेश श्रीवास्तव की मौत से हड़कंप मच गया। वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हालत में मिली थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। दुर्गेश मूल रूप से लखनऊ के रहने वाले थे और जौनपुर में परिवार के साथ रह रहे थे। वह सुजानगंज क्षेत्र की सराय पड़री स्थित यूनियन बैंक शाखा में प्रबंधक के पद पर तैनात थे।
हाईवे पर क्षतिग्रस्त मिली कार
घटना के बाद सबसे पहले आसपास के लोगों की नजर सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त कार पर पड़ी। शुरुआती तौर पर मामला सड़क हादसे का लगा। पुलिस के पहुंचने पर कार की जांच की गई और अंदर से दुर्गेश को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया।
पुलिस के मुताबिक, कार चलाते समय मैनेजर ने खुद को गोली मार ली। गोली लगने के बाद वाहन पर उनका नियंत्रण नहीं रहा और टाटा सिएरा सड़क के डिवाइडर से जा भिड़ी। मैनेजर ने तंमचा अपने दिल के पास सटा कर मारा था, जिससे गोली आर—पार हो गई। कार से एक पत्र भी बरामद हुआ है। उसमें दुर्गेश ने अपनी मौत के लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार नहीं ठहराने की बात कही है और अपनी पत्नि के लिए लिखा— तुम अपना ख्याल रखना। पत्र को जांच के लिए फोरेंसिक टीम के पास भेजा गया है।
परिवार ने बताई तनाव की बात
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि दुर्गेश पिछले कुछ दिनों से तनाव में थे। उनकी पत्नी ने बताया कि करीब एक सप्ताह से वह परेशान चल रहे थे, हालांकि उन्होंने इसकी वजह परिवार को नहीं बताई थी। फिलहाल पुलिस ने घटनास्थल से मिले सामान और पत्र को जांच का हिस्सा बनाया है। फोरेंसिक टीम ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमार्टम के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के पीछे की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।