1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Subrata Roy समेत 18 लोगों के खिलाफ कानपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का दर्ज किया केस

Subrata Roy समेत 18 लोगों के खिलाफ कानपुर पुलिस ने धोखाधड़ी का दर्ज किया केस

सहारा प्रमुख सुब्रत राय (Sahara chief Subrata Roy) समेत 18 लोगों के खिलाफ कानपुर के काकादेव थाने (Kakadev Police Station) में बीते रविवार को धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में काकादेव पुलिस (Kakadev Police) ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के अधिवक्ता की तहरीर पर कानपुर पुलिस कमिश्नर (Kanpur Police Commissioner) के आदेश पर काकादेव पुलिस (Kakadev Police) ने कार्रवाई की है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

कानपुर। सहारा प्रमुख सुब्रत राय (Sahara chief Subrata Roy) समेत 18 लोगों के खिलाफ कानपुर के काकादेव थाने (Kakadev Police Station) में बीते रविवार को धोखाधड़ी, जालसाजी, साजिश रचने समेत अन्य धाराओं में काकादेव पुलिस (Kakadev Police) ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) के अधिवक्ता की तहरीर पर कानपुर पुलिस कमिश्नर (Kanpur Police Commissioner) के आदेश पर काकादेव पुलिस (Kakadev Police)ने कार्रवाई की है।

पढ़ें :- आज गृह मंत्री अमित शाह अयोध्या दौरे पर, जनसभा को करेंगे संबोधित

सुब्रत राय (Subrata Roy)पर आरोप है कि बोगस कंपनियां (Bogus Companies) और सोसाइटी बनाकर निवेश के नाम पर देशभर के 25 लाख लोगों से 25 लाख करोड़ रुपये हड़पे गए हैं। काकादेव निवासी सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अजय टंडन (Supreme Court Advocate Ajay Tandon) ने बताया कि निवेश, हाउसिंग आदि के नंबर पर आरोपियों की कंपनियों के जरिये रकम जमा कराई गई।

उसके बाद रकम हड़पी गई। दावा है कि उनके पास फ्रॉड के एक-एक साक्ष्य मौजूद हैं, जो उन्होंने पुलिस को दिए हैं। अजय ने बताया कि बोगस कंपनियां (Bogus Companies) बनाकर आरोपियों ने काले धन को सफेद किया (Turn Black Money into White) है। ठगी को पूरे देश में अंजाम दिया गया।

गरीब और मजदूर भी इस ठगी के शिकार हुए हैं। अजय ने बताया कि इसमें कई बड़े नेता समेत अन्य नामचीन हस्तियों की भी भूमिका है। अजय टंडन ने कहा कि इन आरोपियों ने सहारा इंडिया रियल इस्टेट कारपोरेशन, सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, सहारा इंडिया क्रेडिट  कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारियन यूनिवर्सल मल्टीपरपज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, स्टार मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारा इंडिया कॉमर्शियल कारपोरेशन, सहारा हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन, सहारा क्यू शॉप प्रोडक्ट, सहारा क्यू गोल्डमार्ट लिमिटेड, सहारा प्योर इटेबल्स कारपोरेशन, सहारा यूनिवर्सल माइनिंग कारपोरेशन, एम्बी वैली सिटी डेवलपर्स, सहारा इंडिया टूरिज्म डेवलेपमेंट कारपोरेशन समेत अन्य कई सोसाइटी और हजारों कंपनियों के जरिये ठगी को अंजाम दिया गया।

इनको कानपुर पुलिस ने बनाया है आरोपी

पढ़ें :- PM Modi आज करेंगे कानपुर का दौरा, इस बड़े प्रोजेक्ट का करेंगे उद्घाटन

सहारा प्रमुख सुब्रत राय(Sahara chief Subrata Roy) , उनकी पत्नी स्वप्ना राय, बेटे सुशांतु राय व शीमांतो राय, बहू चांदनी राय, रिचा, भाई जेबी राय के अलावा निदेशक जितेंद्र कुमार वार्ष्णेय, ऑडिटर पवन कपूर, निदेशक करुणेश अवस्थी, अनिल कुमार पांडेय, राणा जिया, डीके श्रीवास्तव, रोमी दत्ता, प्रदीप श्रीवास्तव, ओमप्रकाश श्रीवास्तव, अब्दुल दबीर व ऑडिटर आरएन खन्ना को आरोपी बनाया गया है। इन सभी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनका इस्तेमाल करने, साजिश रचने और गिरोह बनाकर ठगी को अंजाम देने की धारा लगाई गई है।

पुलिस ​कमिश्नरेट कानपुर (Police Commissionerate Kanpur) के डीसीपी पश्चिम बीबीजीटीएस मूर्ति (DCP West BBGTS  Murti) ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद एफआईआर दर्ज (Register FIR)की गई है। वादी की तरफ से जो साक्ष्य उपलब्ध कराए गए हैं, उनका सत्यापन कर जांच आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि मामला बड़ा है, इसलिए जरूरत पड़ी तो स्पेशल टीम (Special Team)गठित कर विवेचना कराई जाएगी।

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...