सनातन धर्म में खरमास के दौरान शुभ कार्य करने की मनाही है। इस अवधि में शुभ कार्यों को करना वर्जित माना गया है। खरमास में सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण और शादी-विवाह जैसे शुभ काम नहीं किए जाते।
Kharmas 2026 End Date : सनातन धर्म में खरमास के दौरान शुभ कार्य करने की मनाही है। इस अवधि में शुभ कार्यों को करना वर्जित माना गया है। खरमास में सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश, नामकरण और शादी-विवाह जैसे शुभ काम नहीं किए जाते। फिलहाल अभी खरमास चल रहा है और जब सूर्य मीन से निकलकर मेष में प्रवेश करेंगे तब खरमास खत्म होगा।
कब खत्म होगा खरमास?
बता दें कि खरमास 15 मार्च को शुरू हुआ था और 14 अप्रैल को सूर्य देव मेष राशि में प्रवेश करेंगे, इसके साथ ही खरमास समाप्त होगा।
हालांकि, खरमास समाप्त होने के बाद भी विवाह के लिए पहला शुभ मुहूर्त 20 अप्रैल को पड़ रहा है। इसी दिन अक्षय तृतीया भी है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। पंडितों के अनुसार, अप्रैल महीने में कुल 8 दिन विवाह के लिए शुभ लग्न मुहूर्त उपलब्ध हैं।
दीपक जलाएं
खरमास में तुलसी पूजा ब्रह्म मुहूर्त में उठकर करनी चाहिए। ऐसा करना बेहद शुभ माना जाता है। पूजा करने के लिए सबसे पहले एक पात्र में गंगाजल युक्त जल लें और फिर इससे तुलसी माता को स्नान करवाएं। इसके बाद तुलसी के पौधे के पास एक दीपक जलाएं और फिर इसे घी के दीपक जलाकर उनकी रोली, चावल और हल्दी से पूजा करें। खरमास में भगवान विष्णु की पूजा करें। इससे कुंडली में गुरु मजबूत होता है। भगवान विष्णु को पीले भोजन का भोग लगाएं।