महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) का पावन पर्व भगवान शिव की नगरी वाराणसी में आगामी 15 फरवरी को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। बता दें कि यह महापर्व काशी में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल प्रधान ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ होती है।
वाराणसी। महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) का पावन पर्व भगवान शिव की नगरी वाराणसी में आगामी 15 फरवरी को धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। बता दें कि यह महापर्व काशी में बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है। द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल प्रधान ज्योतिर्लिंग के रूप में पूजित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में इस दिन भक्तों की अपार भीड़ होती है।
इस बार भी महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri) को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। विश्वनाथ मंदिर में शुक्रवार से ही महाशिवरात्रि उत्सव की औपचारिक शुरुआत गणेश पूजन के साथ कर दी गई है। इस उत्सव को लेकर मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा (Chief Executive Officer Vishwa Bhushan Mishra) ने विधि-विधान से प्रथम पूज्य श्री गणेश जी महाराज की पूजा की।
भगवान गणेश को वस्त्र, पुष्प, दुर्वा, माला, नैवैद्य, भोग अर्पित किया गया और भावपूर्ण तरीके से स्तुति कर उनकी आरती उतारी गई। श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि की तैयारी शुरू करने से पूर्व प्रथम पूज्य गौरी नंदन श्री गणेश का पूजन किया गया। श्री गणेश के पूजन के बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में महाशिवरात्रि महोत्सव औपचारिक रूप से प्रारंभ हो गया है।
काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा (Chief Executive Officer Vishwa Bhushan Mishra) ने बताया कि कल से मंदिर में स्थित सभी विग्रहों का रुद्राभिषेक कर उन्हें जागृत किया जायेगा तथा उनकी आराधना की जाएगी। समस्त देवताओं का आह्वान कर महोत्सव में सहभागी और श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया जाएगा। प्रतिदिन होने वाले शास्त्रीय आयोजन के संबंध में दैनिक सूचना जारी की जाएगी।
15 फरवरी को होने वाले महाशिवरात्रि के भव्य आयोजन के लिए तैयारी तेज है। शिव विवाह से पहले बाबा विश्वनाथ को सगुन की हल्दी लगाने की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। सदियों पुरानी लोकपरंपरा के अनुसार इस बार 13 फरवरी को सांयकाल टेढ़ीनीम स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन चल प्रतिमा का विधि-विधानपूर्वक सगुन की हल्दी लगाई जाएगी। इस परंपरा की जानकारी सिद्धपीठ बड़ी शीतला माता मंदिर के उपमहंत अवशेष पाण्डेय (कल्लू महाराज) ने दी।