1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. महावीर जयंती पर PM मोदी ने किया ‘सम्राट सम्प्रति संग्रहालय’ का उद्घाटन, बताया—संस्कृति और अध्यात्म का अनूठा संगम

महावीर जयंती पर PM मोदी ने किया ‘सम्राट सम्प्रति संग्रहालय’ का उद्घाटन, बताया—संस्कृति और अध्यात्म का अनूठा संगम

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कोबा तीर्थ की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां वर्षों से अध्ययन, साधना और आत्म-अनुशासन की परंपरा लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि “यहां मूल्य सुरक्षित हैं, संस्कृति सशक्त है और ज्ञान का निरंतर पोषण हो रहा है। यही तीनों—अध्ययन, साधना और अनुशासन—भारतीय सभ्यता की मजबूत नींव बनाते हैं।”...

By हर्ष गौतम 
Updated Date

गुजरात। महावीर जयंती (Mahavir Jayanti) के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने गुजरात के गांधीनगर (Gandhinagar) स्थित कोबा तीर्थ में ‘सम्राट सम्प्रति संग्रहालय’ का भव्य उद्घाटन किया। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी (Harsh Sanghavi) समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

पढ़ें :- PM नरेंद्र मोदी ने गांधीनगर के कोबा तीर्थ में 'सम्राट संप्रति संग्रहालय' का किया उद्घाटन

उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कहा कि यह संग्रहालय केवल एक इमारत नहीं, बल्कि शताब्दियों पुराने ज्ञान, अध्यात्म और भारतीय सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने बताया कि संग्रहालय में पारंपरिक कलाकृतियों के साथ-साथ आधुनिक डिजिटल और ऑडियो-वीज़ुअल तकनीकों का भी उपयोग किया गया है, जिससे आगंतुकों, शोधकर्ताओं और विद्वानों को एक नया और इमर्सिव अनुभव मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कोबा तीर्थ की विशेषता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां वर्षों से अध्ययन, साधना और आत्म-अनुशासन की परंपरा लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि “यहां मूल्य सुरक्षित हैं, संस्कृति सशक्त है और ज्ञान का निरंतर पोषण हो रहा है। यही तीनों—अध्ययन, साधना और अनुशासन—भारतीय सभ्यता की मजबूत नींव बनाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि हम सभी का कर्तव्य है कि इस पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाएं और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री ने जैन दर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संग्रहालय जैन संस्कृति और भारतीय विरासत को समझने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।

इस दौरान मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (Bhupendra Patel) ने बताया कि संग्रहालय में 2,000 से अधिक प्राचीन और दुर्लभ कलाकृतियों को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पहल गुजरात और भारत की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करेगी। वहीं, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी (Harsh Sanghavi) ने कहा कि यह संग्रहालय नई पीढ़ी को उनके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक मूल से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर नई पहचान मिल रही है। कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और विरासत को संरक्षित रखने के संदेश के साथ इस पहल को एक ऐतिहासिक कदम बताया गया।

पढ़ें :- “दो दिन की तिथि ने बढ़ाया कन्फ्यूजन! जानिए 2026 में कब है महावीर जयंती”
इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...