Akhilesh met Shankaracharya : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी गोविष्ठि यात्रा में लखनऊ पश्चिम पहुंचे हैं। जहां पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज सुबह शंकराचार्य से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच इस काफी अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने एक बड़ी टिप्पणी की है।
Akhilesh met Shankaracharya : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी गोविष्ठि यात्रा में लखनऊ पश्चिम पहुंचे हैं। जहां पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव आज सुबह शंकराचार्य से मिलने पहुंचे और उनका आशीर्वाद लिया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद के बीच इस काफी अहम माना जा रहा है। इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने एक बड़ी टिप्पणी की है।
दरअसल, यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने गुरुवार को एक्स पोस्ट पर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से भेंट की तस्वीरें साझा की हैं। इसके साथ उन्होंने लिखा, “आज प्रातः काल पूज्य शंकराचार्य जी के दर्शन एवं आशीर्वाद के सौभाग्यशाली क्षण और सनातन पर आए संकट को दूर करने व अधर्मियों के चंगुल से धर्म को मुक्ति दिलाने के लिए सार्थक वार्ता।”
आज प्रातः काल पूज्य शंकराचार्य जी के दर्शन एवं आशीर्वाद के सौभाग्यशाली क्षण और सनातन पर आए संकट को दूर करने व अधर्मियों के चंगुल से धर्म को मुक्ति दिलाने के लिए सार्थक वार्ता। pic.twitter.com/d3CQqzyGKz
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 9, 2026
अखिलेश ने कहा, “अयोध्या में, इन लोगों ने अपने स्वार्थ के लिए ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ राम की ‘मर्यादा’ को तोड़ा-मरोड़ा है… सनातन धर्म में धार्मिक चढ़ावे की चोरी से बड़ा कोई पाप नहीं है… हमारा हिंदू समुदाय, सनातन धर्म को मानने वाले लोग, बहुत भावुक होते हैं… इससे न सिर्फ़ हमारे देश की छवि पर असर पड़ता है, बल्कि भारत में आने वाले निवेश पर भी बुरा असर पड़ता है… ”
उन्होंने आगे कहा, “विपक्ष के ख़िलाफ़ तो FIR दर्ज हो जाती हैं, लेकिन विपक्ष की शिकायतों को दर्ज नहीं किया जाता… इसका मतलब है कि अगर मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकाले जाएं, तो उनमें से 99.9% लोग BJP से जुड़े हुए निकलेंगे। इसके बाद पार्टी के अंदर जो खलबली मचेगी, उसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। वह खलबली शुरू भी हो चुकी है…”