1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की बांदा डीएम को दी अर्जी

मुख्तार के बेटे उमर अंसारी ने दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की बांदा डीएम को दी अर्जी

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mafia Don Mukhtar Ansari) के बेटे उमर अंसारी (Omar Ansari) ने बांदा की DM दुर्गाशक्ति नागपाल (Banda DM Durgashakti Nagpal) को पत्र लिखकर दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की अर्जी दी है।

By santosh singh 
Updated Date

बांदा। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mafia Don Mukhtar Ansari) के बेटे उमर अंसारी (Omar Ansari) ने बांदा की DM दुर्गाशक्ति नागपाल (Banda DM Durgashakti Nagpal) को पत्र लिखकर दिल्ली एम्स (Delhi AIIMS) के डॉक्टरों से पोस्टमार्टम कराने की अर्जी दी है।

पढ़ें :- Rain alert: कल से बदलेगा मौसम का मिजाज, गर्मी से मिलेगी राहत, कई जगहों पर भारी बारिश की चेतावनी

मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के छोटे बेटे उमर अंसारी (Omar Ansari) ने बांदा के डीएम को चिट्ठी लिखकर अपने पिता के शव का दोबारा पोस्टमार्टम की बात करते हुए कहा है कि दिल्ली एम्स के डॉक्टरों से उनका पोस्टमार्टम दोबारा करवाया जाए। हमें यहां के लोगों पर विश्वास नहीं है। डीएम साहब को फैसला करना है। अल्लाह ही जिंदगी और मौत का मालिक है। हमें न्यायपालिका से उम्मीद है कि जांच होगी। ये मौत नहीं बल्कि हत्या है।

मुख्तार की मौत पर शिवपाल यादव ने खड़ा किया सवाल

बदायूं में समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने मुख्तार अंसारी की मौत पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा है कि मुख्तार अंसारी के परिवार से हमारे पुराने रिश्ते रहे हैं। आजादी की लड़ाई में इस परिवार का बड़ा योगदान रहा है। मुख्तार अंसारी की मौत संदेह के घेरे में है। कोर्ट को स्वतः संज्ञान लेना चाहिए। जेल में किसी की मौत होती है तो प्रशासनिक अधिकारी से लेकर सरकार सबकी जिम्मेदारी है। संदेह के घेरे में मुख्तार अंसारी की मौत है। कोर्ट को स्वयं संज्ञान लेना ले लेना चाहिए। अब्बास के पिता की मौत हुई है तो डीएम को स्वतः ही जनाजा में शामिल होने की अनुमति दे देना चाहिए।

मुख्तार की मौत पर बोले कृष्णानंद राय के भतीजे, वह कोई संत नहीं था

मुख्तार अंसारी की मौत को लेकर स्वर्गीय कृष्णानंद राय के भतीजे आनंद राय ने कहा, ’19 साल के लंबे इंतजार के बाद आज परिवार में खुशी का माहौल है। रात से ही लोगों के बधाई का तांता लगा हुआ है। मुख्तार कोई संत नहीं था, जिसको लेकर टीवी पर कुछ लोग बयानबाजी कर रहे हैं। उसके ऊपर 50 से 60 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।  मुख्तार पर कम से कम 25 से 30 मुकदमे हत्या और अपहरण सहित कई गंभीर मामले दर्ज थे।आज एक आतंक का अंत हुआ है, अंत चाहे जिस तरीके से हुआ लेकिन अंत हुआ है काफी ख़ुशी का माहौल है।

पढ़ें :- जल जीवन मिशन तो इस सरकार का लूट का मिशन बन गया, प्रदेश भर में लगातार गिर रही हैं पानी की टंकियां: अखिलेश यादव

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...