1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Mukhtar Ansari : …तो इस वजह से हुई थी ‘डॉन; की मौत, विसरा रिपोर्ट से ​हुआ खुलासा

Mukhtar Ansari : …तो इस वजह से हुई थी ‘डॉन; की मौत, विसरा रिपोर्ट से ​हुआ खुलासा

माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari)  को जेल में जहर देने का मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। पुलिस सूत्रों ने बताया​ कि मुख्तार की विसरा जांच रिपोर्ट आ गई है। जो न्यायिक जांच टीम को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि 28 मार्च की देर रात जेल में बंद मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ। माफिया डॉन मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari)  को जेल में जहर देने का मामला ठंडे बस्ते में जाता नजर आ रहा है। पुलिस सूत्रों ने बताया​ कि मुख्तार की विसरा जांच रिपोर्ट आ गई है। जो न्यायिक जांच टीम को भेज दी गई है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई है। बता दें कि 28 मार्च की देर रात जेल में बंद मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) की मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

पढ़ें :- Viral Video: 24 घंटे में 101 मर्दों के साथ शारीरिक संबंध बनाने वाली लिली फिलिप्स का चौंकाने वाला दावा,उन्हें याद रहे सिर्फ 10 चेहरे

मुख्तार के परिजनों ने उन्हें जेल में जहर देने का आरोप लगाया था। इस पर प्रशासनिक और न्यायिक जांच टीमें गठित की गईं थीं। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari)  की हार्ट अटैक से मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन फिर भी विसरा जांच के लिए लखनऊ भेजा गया था। विसरा रिपोर्ट के बाद लगभग यह बात साफ हो गई है कि मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari)  की मौत हार्ट अटैक की वजह से हुई थी।

पुलिस के सूत्रों का कहना है कि विसरा रिपोर्ट लखनऊ से आ गई है और उसे न्यायिक जांच टीम को दे दी गई है। हालांकि जांच टीम का कोई अधिकारी इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के नहीं हुए बयान

करीब 10 दिन पूर्व न्यायिक जांच टीम ने मंडल कारागार के बाद मामले में मेडिकल कॉलेज का भी निरीक्षण किया था। टीम ने कॉलेज प्रबंधन से माफिया के इलाज की बीएचटी रिपोर्ट भी तलब की थी, लेकिन इलाज करने वाले 10 से 12 डॉक्टरों से पूछताछ होना अभी बाकी है। मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों का कहना है कि न्यायिक टीम जब चाहे इलाज करने वाले डॉक्टरों के बयान ले सकती है। माफिया मुख्तार के रहने पर बैरक के अलावा परिसर की सुरक्षा भी कड़ी की गई थी। जांच टीम ने जेल कर्मियों व अधिकारियों से भी पूछताछ की थी। इसके बाद बैरक में लगे जवानों को हटा लिया गया। जेल अधिकारियों के मुताबिक चुनाव के चलते भी फोर्स हटाया गया है।

पढ़ें :- BJP विधायक हर्षवर्धन बाजपेई ने डिप्टी CM से सवाल पूछने वालों की पिटाई पर हुए आग बबूला, बोले -'UGC का विरोध करना हर ब्राह्मण और सवर्ण का अधिकार है'

सार्वजनिक बयान के लिए भी कोई नहीं पहुंचा

प्रशासन की जांच टीम ने मुख्तार की मौत के मामले में सार्वजनिक नोटिस जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि कोई भी व्यक्ति मौत से जुड़ी कोई भी जानकारी अथवा बयान दे सकता है। लेकिन अभी तक कोई नहीं पहुंचा।

जेल में सुरक्षित रखा है माफिया का सामान

मुख्तार की मौत के बाद से ही उसके परिजनों में से कोई भी बांदा नहीं आया है। जेल प्रशासन के मुताबिक सारा सामान सुरक्षित रखा है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।

पढ़ें :- दिल्ली में प्रदूषण के चलते लागू हुआ ग्रैप-2: महंगी पार्किंग से लेकर क्या-क्या बदला, जानिए
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...