डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस और सपा जैसे दल मुस्लिमों की भलाई के लिए नहीं सत्ता की मलाई के लिए फ़र्ज़ी हमदर्दी दिखाने की नौटंकी कर मुद्दा बनाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
लखनऊ। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है। विपक्षी दल के नेता लगातार इस विधेयक पर सवाल खड़े कर रहे हैं। वहीं, भाजपा के नेता इस विधेयक को लेकर सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने इस विधेयक को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि, कांग्रेस और सपा जैसे दल मुस्लिमों की भलाई के लिए नहीं सत्ता की मलाई के लिए फ़र्ज़ी हमदर्दी दिखाने की नौटंकी कर मुद्दा बनाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि, लोकसभा में वक़्फ़ संशोधन बिल के मुद्दे पर कांग्रेस सपा जैसे दलों द्वारा अब मुस्लिमों को भाजपा का भय दिखा उसे केवल वोट बैंक बना दिया और तू मेरा वोट बैंक है की लड़ाई का दिखावा कर रहे हैं, जो व्यर्थ की नूरा कुश्ती है। बहुसंख्य मुसलमानों सहित देश बिल के पक्ष में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के प्रति सबका विश्वास के साथ स्वागत कर रहा है। कांग्रेस और सपा जैसे दल मुस्लिमों की भलाई के लिए नहीं सत्ता की मलाई के लिए फ़र्ज़ी हमदर्दी दिखाने की नौटंकी कर मुद्दा बनाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
लोकसभा में वक़्फ़ संशोधन बिल के मुद्दे पर कांग्रेस सपा जैसे दलों द्वारा अब मुस्लिमों को भाजपा का भय दिखा उसे केवल वोट बैंक बना दिया और तू मेरा वोट बैंक है की लड़ाई का दिखावा कर रहे हैं,जो व्यर्थ की नूरा कुश्ती है। बहुसंख्य मुसलमानों सहित देश बिल के पक्ष में प्रधानमंत्री श्री…
— Keshav Prasad Maurya (@kpmaurya1) April 2, 2025
भारी हंगामे के बीच पेश हुआ विधेयक
वक्फ संशोधन विधेयक को लोकसभा में भारी हंगामे के बीच पेश किया गया है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने इस बिल को पेश किया और कहा कि इसे लाना बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि यह संशोधन विधेयक लाने की जरूरत क्यों हुई। 2014 में हम लोग चुनाव में उतरे और उससे पहले 2013 में कुछ कदम ऐसे उठाए गए, जिन पर हैरानी होती है। रिजिजू ने कहा कि यदि यह संशोधन विधेयक न लाया गया होता तो आज जिस संसद भवन में डिबेट हो रही है, वह भी वक्फ संपत्ति होती। किरेन रिजिजू ने कहा कि 1970 से संसद भवन समेत कई स्थानों पर वक्फ बोर्ड दावा कर रहा था। 2013 में इन स्थानों को डिनोटिफाई कर दिया गया और इससे वक्फ बोर्ड की दावेदारी हो गई।