भारत की सबसे प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के एक यात्री ने ट्रेन में खराब खाना मिलने की शिकायत की थी। इस पर भारतीय रेलवे ने बहुत ही सख्त कार्रवाई की है। रेलवे ने एक तरफ जहां कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया है।
नई दिल्ली। भारत की सबसे प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस के एक यात्री ने ट्रेन में खराब खाना मिलने की शिकायत की थी। इस पर भारतीय रेलवे ने बहुत ही सख्त कार्रवाई की है। रेलवे ने एक तरफ जहां कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने आईआरसीटीसी पर दस लाख रुपए जुर्माना लगाने के साथ फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। बता दे कि यह पूरा मामला 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस का है।
बता दे कि 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में खराब खाने की शिकायत के बाद भारतीय रेलवे ने सख्त कार्रवाई की है। भारतीय रेलवे ने आईआरसीटीसी पर दस लाख रुपए का जुर्माना लगाए है। वहीं फूड सर्विस प्रोवाइडर पर 50 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया है। रेलवे की जांच में दाल और दही में कीड़े मिलने की शिकायत सही पाई गई। रेलवे ने संबंधित कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त कर दिया है। मामले पर रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सेहत और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई रेलवे की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है। यह पूरी घटना 15-16 मार्च 2026 की है। उस दिन ट्रेन संख्या 21896 पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक यात्री ने भोजन की गुणवत्ता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत करने वाले यात्री का नाम रितेश कुमार सिंह बताया गया है, जो पटना के रहने वाले हैं। वह अपने साथियों के साथ पटना से जमशेदपुर की यात्रा कर रहे थे। रितेश सिंह ट्रेन की C-6 कोच की सीट संख्या 71 पर यात्रा कर रहे थे। यात्रा के दौरान रात में उन्हें जो भोजन परोसा गया, उसे देखकर वे हैरान रह गए। यात्री का आरोप था कि परोसी गई दाल में कीड़ा मिलने के साथ भोजन की साफ-सफाई और पैकेजिंग बेहद खराब थी। इसके बाद यात्री ने रेलवे और IRCTC को इसकी शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत सक्रिय हो गया। मामले की जांच के आदेश दिए गए और भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और पैकेजिंग से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया कि, भोजन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं था। स्वच्छता के नियमों का पालन नहीं किया गया, पैकेजिंग में भी कई गंभीर खामियां थीं। रेलवे अधिकारियों ने इसे यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ माना।