पवन खेड़ा ने कहा कि, पीएम नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने न भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा उठाया, न एक तरफा US ट्रेड डील के बारे में कोई बात की और न ही ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर का मुद्दा उठाया।
नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने शनिवार को एआईसीसी कार्यालय में प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा, डोनाल्ड ट्रंप के सामने नरेंद्र मोदी की नजरें झुकी हुई थीं। वे सोफे पर दुबककर बैठे हुए थे और ट्रंप को Excellency कह रहे थे। ये बहुत शर्मनाक रहा।
उन्होंने आगे कहा, अमेरिका ने हमारे 3 नाविकों की हत्या कर दी और ट्रंप ने खेद तक व्यक्त नहीं किया, क्योंकि नरेंद्र मोदी तो दुबककर बैठे थे और अपनी तारीफ से ही खुश थे। नरेंद्र मोदी हंसते रहे, लेकिन हिंदुस्तान के नाविकों की हत्या पर ट्रंप से एक सवाल नहीं पूछ पाए। बहुत बुरा लग रहा है कि सबसे बड़े लोकतंत्र की सरकार वैश्विक मंच पर इतनी बेआबरू होकर वापस आ जाती है।
पवन खेड़ा ने कहा, देवयानी खोबरागड़े के मामले में मनमोहन सिंह जी ने बतौर प्रधानमंत्री अमेरिका को जो मैसेज दिया था, उससे पूरा विश्व हैरान हो गया था। लेकिन ट्रंप के सामने नरेंद्र मोदी भारतीय नाविकों की हत्या की बात तक नहीं कह सके, क्योंकि इनके लिए देश नहीं, PR First है। पाकिस्तान को FATF की ग्रे लिस्ट में लाने वाली UPA सरकार थी, लेकिन आज मोदी के दोस्त ट्रंप, ऑपरेशन सिंदूर के बाद आसिम मुनीर को डिनर पर बुलाते हैं।
साथ ही कहा, नरेंद्र मोदी ने डोनाल्ड ट्रंप के सामने न भारतीय नाविकों की हत्या का मुद्दा उठाया, न एक तरफा US ट्रेड डील के बारे में कोई बात की और न ही ऑपरेशन सिंदूर के सीजफायर का मुद्दा उठाया। ट्रंप ने नरेंद्र मोदी के सामने BRICS के कमजोर पड़ने की बात कही, लेकिन नरेंद्र मोदी कुछ नहीं बोल पाए। नरेंद्र मोदी, इंदिरा गांधी जी से नहीं सीखना चाहते, कम से कम जॉर्जिया मेलोनी जी से ही सीख लीजिए कि आंख में आंख मिलाकर जवाब कैसे दिया जाता है।
उन्होंने कहा, साल 1986 में Voice of America श्रीलंका में अपना ट्रांसमीटर इंडियन कोस्ट के बगल में लगाना चाहता था, लेकिन राजीव गांधी जी ने ऐसा नहीं होने दिया। अमेरिका ने हमारे मेहमान रहे IRIS Dena को टॉरपीडो कर डुबो दिया था, लेकिन दुर्भाग्य देखिए नरेंद्र मोदी ने ये सवाल भी ट्रंप से नहीं पूछा।