विधानसभा चुनाव के बाद फिर से बिहार में राजनीति घमासान तेज मच गया है। सरकार बनने के दो माह के अंदर ही मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की सरकार ने सीधा राजन नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। शुक्रवार को तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटा दी गई है। इस पर विपक्ष सरकार को चौतरफा घेर रही है। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे बदले की राजनीति बताया है।
नई दिल्ली। विधानसभा चुनाव के बाद फिर से बिहार में राजनीति घमासान तेज मच गया है। सरकार बनने के दो माह के अंदर ही मुख्यमंत्री नीतिश कुमार की सरकार ने सीधा राजन नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। शुक्रवार को तेजस्वी यादव की सुरक्षा घटा दी गई है। इस पर विपक्ष सरकार को चौतरफा घेर रही है। राष्ट्रीय जनता दल ने इसे बदले की राजनीति बताया है। वहीं सरकार ने दावा किया है कि फैसला पूरी तरह से नियमों पालन करने के बाद और सुरक्षा आकलन होने के बाद लिया गया है।
राजद नेता तेजस्वी यादव की सुरक्षा में कटौती कर दी गई है। पहले तेजस्वी को जेड प्लस क्षेणी सुरक्षा प्राप्त थी। वहीं अब सरकार ने अब सुरक्षा घटा कर वाई प्लस क्षेणी की कर दी है। इस पर राजद के नेता सरकार की जमकर अलोचना कर रहे है। इस मुद्दे पर बिहार सरकार के मंत्री जमा खान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होने कहा कि तेजस्वी यादव अक्सर विधानसभा से गैर-हाजिर रहते है और जनता के बीच भी बहुत कम जा रहे है। सुरक्षा किसी व्यक्ति को या उसके पद को देख कर नहीं जाती है। सुरक्षा देने से पहले पूरा उसका आकलन किया जाता है, जिसके आधार पर व्यक्ति को सुरक्षा मिलती है। यह निर्णय सभी नियमों का पालन करते हुए लिया गया है। विपक्षों के आरोपों को मंत्री जमा खान ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होने साफ करते हुए कहा कि सरकार न तो किसी को दबाती है और न ही किसी के साथ पक्षपात करती है। सरकार के पास सुरक्षा देने के लिए नियम-कानूनों का एक सेट है। इन्ही नियमों के तहत किसी कितनी सुरक्षा दी जानी है, यह तय किया जाता है।