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अमेरिका में बोले राहुल गांधी, ‘चीन में बेरोजगारी की दिक्कत नहीं… भारत को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर ध्यान देने की जरूरत’

Rahul Gandhi's visit to US: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) रविवार को टेक्सास के डलास पहुंचे। राहुल ने तीन दिवसीय अमेरिका की यात्रा के पहले दिन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास (University of Texas) में छात्रों से कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। जिसमें दुनियाभर में बढ़ रही बेरोजगारी का मुद्दा भी शामिल रहा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर ध्यान ना देने को बेरोजगारी का बड़ा कारण बताया।

By Abhimanyu 
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Rahul Gandhi’s visit to US: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (Congress MP Rahul Gandhi) रविवार को टेक्सास के डलास पहुंचे। राहुल ने तीन दिवसीय अमेरिका की यात्रा के पहले दिन यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास (University of Texas) में छात्रों से कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। जिसमें दुनियाभर में बढ़ रही बेरोजगारी का मुद्दा भी शामिल रहा है। उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर ध्यान ना देने को बेरोजगारी का बड़ा कारण बताया।

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका, यूरोप और भारत समेत कई देशों में रोजगार बड़ी समस्या बन रहा है। वहीं चीन में बेरोजगारी की दिक्कत नहीं है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर (Manufacturing Sector) पर ध्यान ना देने की वजह से बेरोजगारी का संकट (Unemployment Crisis) पैदा हुआ है। भारत में रोजगार देने के लिए इस सेक्टर में सुधार की जरूरत है। उन्होंने कहा, “पश्चिम में रोजगार की दिक्कत है। भारत में भी बेरोजगारी है। लेकिन बहुत सारे ऐसे भी देश हैं जिनमें बेरोजगारी नहीं है। चीन में रोजगार का संकट नहीं है। वियतनाम में भी यह परेशानी नहीं है। वहीं दुनिया में बहुत सारे देश हैं जो कि रोजगार के संकट से जूझ रहे हैं।”

राहुल ने कहा, “अमेरिका को ही देखें तो 1940, 50 और 60 में यह वैश्विक उत्पादन का केंद्र था। यहां कार, वॉशिंग मशीन, टीवी सभी चीजें बनाई जाती थीं। इसके बाद यह प्रोडक्शन कोरिया और जापान चला गया। चीन ने मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पकड़ लिया। अब चीन का वैश्विक उत्पादन में बड़ा योगदान है। भारत को भी रोजगार बढ़ाने के लिए प्रोडक्शन और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर ध्यान देना होगा।” उन्होंने ज़ोर देते हुए कहा, “भारत यह नहीं कह सकता कि मैन्युफैक्चरिंग चीनियों के लिए है। हमें लोकतांत्रिक माहौल में प्रोडक्शन बढ़ाने पर काम करना होगा। जब तक हम ऐसा नहीं करते, बेरोजगारी का संकट दूर नहीं होगा।”

कांग्रेस सांसद ने कहा, “भारत में अधिकतर चीजें ‘मेड इन चाइना’ हैं। इसीलिए चीन सफल है। इस दौरान उन्होंने भारत में उद्योगपतियों की कर्जमाफ़ी का मुद्दा भी उठाया। राहुल ने कहा, “भारत में 25 लोगों का 16 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया गया। इतने में बहुत सारे उद्योग खड़े हो सकते थे।जब हम जनता का कर्ज माफ करते हैं तो सवाल किए जाते हैं लेकिन जब कुछ लोगों का इतना कर्ज माफ कर दिया गया तो किसी ने सवाल नहीं किया।”

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भारत में कुछ लोगों को ही बड़े-बड़े प्रोजेक्ट दे दिए जाते हैं। एक या दो को ही पोर्ट्स और डिफेंस के कॉन्ट्रैक्ट दिए जा रहे हैं। इस वजह से भारत में मैन्युफैक्चरिंग की हालत खराब हो गई है। भारत में विपक्ष की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा, “विपक्ष जनता की आवाज होती है। संसद युद्धक्षेत्र की तरह होता है जहां शब्दों से लड़ाई लड़ी जाती है। लेकिन जरूरी है कि यह समझदारी और संवेदनशीलता के साथ हो।”

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