1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. दलित एवं पिछड़े बहुजन-हित को लेकर प्रस्ताव छलावा व अविश्वसनीयता से ग्रस्त…कांग्रेस के अधिवेशन पर मायावती ने साधा निशाना

दलित एवं पिछड़े बहुजन-हित को लेकर प्रस्ताव छलावा व अविश्वसनीयता से ग्रस्त…कांग्रेस के अधिवेशन पर मायावती ने साधा निशाना

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कांग्रेस पार्टी के अहमदाबाद अधिवेशन में ख़ासकर भाजपा के ’छद्म राष्ट्रवाद’ व दलित एवं पिछड़े बहुजन-हित आदि को लेकर प्रस्ताव छलावा व अविश्वसनीयता से ग्रस्त। इन वर्गों के आरक्षण व अन्य कल्याणकारी संवैधानिक गारण्टियों को लागू करने के मामले में कांग्रेस का रवैया हमेशा छलावापूर्ण।

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती ने कांग्रेस पार्टी के अहमदाबाद अधिवेशन में खासकर भाजपा के ’छद्म राष्ट्रवाद’ पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर ने ओबीसी समाज को धारा 340 के जरिए आरक्षण देने व उसे लागू न करने पर कानून मंत्री पद से इस्तीफा व फिर मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के तहत इन्हें आरक्षण दिलाने में बीएसपी की अहम भूमिका जग जाहिर है जबकि कांग्रेस, भाजपा का आरक्षण-विरोधी रवैया सर्वविदित।

पढ़ें :- Rain alert: यूपी में कल से मिल सकती है भीषण गर्मी से राहत, बारिश को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

मायावती ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, कांग्रेस पार्टी के अहमदाबाद अधिवेशन में ख़ासकर भाजपा के ’छद्म राष्ट्रवाद’ व दलित एवं पिछड़े बहुजन-हित आदि को लेकर प्रस्ताव छलावा व अविश्वसनीयता से ग्रस्त। इन वर्गों के आरक्षण व अन्य कल्याणकारी संवैधानिक गारण्टियों को लागू करने के मामले में कांग्रेस का रवैया हमेशा छलावापूर्ण।

साथ कहा, बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा ओबीसी समाज को धारा 340 के जरिए आरक्षण देने व उसे लागू न करने पर कानून मंत्री पद से इस्तीफा व फिर मण्डल कमीशन की रिपोर्ट के तहत इन्हें आरक्षण दिलाने में बीएसपी की अहम भूमिका जग जाहिर है जबकि कांग्रेस, भाजपा का आरक्षण-विरोधी रवैया सर्वविदित।

बसपा सुप्रीमो ने कहा, वास्तव में बाबा साहेब को भारतरत्न से सम्मानित करने से लेकर उनके करोड़ों अनुयाइयों के प्रति कांग्रेस, भाजपा व सपा आदि का रवैया हमेशा ही जातिवादी व बहुजन-विरोधी रहा, जिससे मुक्ति हेतु ही बीएसपी का गठन हुआ, किन्तु अब इन वर्गों के वोटों की खातिर छल व छलावा की राजनीति की जा रही है।

साथ ही, मा. सुप्रीम कोर्ट द्वारा राज्यपालों की मनमानी व राजभवनों के राजनीतिक द्वेषपूर्ण भूमिका पर अंकुश लगाने वाले कल दिए गए चर्चित फैसले का स्वागत। उम्मीद है कि बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के मानवतावादी व कल्याणकारी संविधान एवं देश के लोकतंत्र को इससे ज़रूर मजबूती मिलेगी।

पढ़ें :- भाजपा के लिए NATION FIRST नहीं, DONATION FIRST है...अखिलेश यादव ने सरकार पर साधा निशाना

 

 

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...