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फिल्म द केरला स्टोरी-2 की स्क्रीनिंग हुई कैंसिल, आयोजकों को टिकट धारकों को वापस करना पड़ा पैसा

डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (Democratic Youth Federation of India) के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद शनिवार को कन्नूर में फिल्म द केरला स्टोरी-2 की स्क्रीनिंग कैंसिल कर दी गई। विरोध प्रदर्शन में थिएटर के बाहर फिल्म के पोस्टर फाड़े और जलाए गए।

By Satish Singh 
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नई दिल्ली। डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (Democratic Youth Federation of India) के कार्यकर्ताओं के विरोध के बाद शनिवार को कन्नूर में फिल्म द केरला स्टोरी-2 की स्क्रीनिंग कैंसिल कर दी गई। विरोध प्रदर्शन में थिएटर के बाहर फिल्म के पोस्टर फाड़े और जलाए गए। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच झड़पें हुईं और आयोजकों को टिकट धारकों को पैसे वापस करने पड़े। प्रदर्शन तब शुरू हुआ जब डीवाईएफआई थिसूर जिला कमेटी के सचिव के एस रसल राज (DYFI Thrissur district committee secretary K S Rasal Raj) के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने त्रिशूर फन मूवीज थिएटर तक मार्च किया और विरोध के एक सांकेतिक तरीके के तौर पर फिल्म द केरला स्टोरी-2 के पोस्टरों पर कोयला डाला।

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यह मार्च फिल्म के खिलाफ संगठन के एक बड़े अभियान का हिस्सा था, जो तीन जवान लड़कियों की ज़िंदगी पर आधारित है। फिल्म के अनुसार तीन युवतियों की धोखे से शादी की जाती है और कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कराया जाता है। विरोध के कारण दर्शकों की कमी के कारण स्क्रीनिंग रद्द कर दी गई। थिएटर प्रबंधन ने पैसे वापस करना शुरू कर दिया और पुष्टि की कि मॉल के अंदर कोई लाइव स्क्रीनिंग नहीं होगी। तिरुवनंतपुरम के मॉल ऑफ़ त्रावणकोर में सिनेपोलिस में भी इसी तरह की कैंसलेशन की खबरें आई हैं, जहां विरोध प्रदर्शनों के चलते रीशेड्यूल की गई स्क्रीनिंग रोक दी गई थी। बता दे कि केरल हाई कोर्ट ने शुक्रवार को द केरल स्टोरी-2 की रिलीज़ पर लगी पिछली रोक हटा दी थी, जिससे सिनेमाघरों में स्क्रीनिंग फिर से शुरू हो सकी। यह रोक, जो शुरू में सिंगल बेंच जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने 15 दिनों के लिए लगाई थी। इस रोक को जस्टिस एसए धर्माधिकारी और पीवी बालकृष्णन की डिवीजन बेंच ने हटा दी थी। बेंच ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ फ़िल्म सर्टिफ़िकेशन (Central Board of Film Certification) को भी फ़िल्म की फिर से जांच करने का निर्देश दिया।

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