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चुनावी महौल के बीच TVK प्रमुख विजय ने कई प्रस्तावित रैलियां और रोड शो रद्द कियें : विपक्ष लगातार कस रहा है तंज

इस चुनाव में विजय दो सीटों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने पेरम्बूर और कोलाथुर में प्रचार किया। इसके बाद तिरुचिरापल्ली पूर्व में भी रोड शो किया, लेकिन बाकी कई अहम कार्यक्रम रद्द होते चले गए..

By Harsh Gautam 
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Tamil Nadu Assembly Election:   तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी माहौल अब पूरी तरह गरमा चुका है। 23 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले प्रचार अपने चरम पर है, लेकिन इस बीच एक बड़ा राजनीतिक चेहरा—विजय—अपनी रद्द होती रैलियों को लेकर चर्चा में आ गया है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) द्वारा लगातार कार्यक्रम रद्द किए जाने से विपक्ष को हमले का मौका मिल गया है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद जहां सभी पार्टियां आक्रामक प्रचार में जुटी हैं, वहीं विजय के कई अहम कार्यक्रम अचानक रद्द हो गए। हैरानी की बात यह है कि इन कार्यक्रमों के लिए चुनाव आयोग से अनुमति भी मिल चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद इन्हें टाल दिया गया। पार्टी की ओर से इन फैसलों के पीछे कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं।

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दो सीटों से मैदान में विजय

इस चुनाव में विजय दो सीटों से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने पेरम्बूर और कोलाथुर में प्रचार किया। इसके बाद तिरुचिरापल्ली पूर्व में भी रोड शो किया, लेकिन बाकी कई अहम कार्यक्रम रद्द होते चले गए, जिससे उनके चुनावी अभियान की रफ्तार प्रभावित होती दिख रही है। TVK ने कुछ कार्यक्रमों के रद्द होने की वजह सुरक्षा चूक और समय की कमी बताई है। विल्लीवाक्कम, टी नगर, कुड्डालोर और तिरुवल्लूर जैसे इलाकों में प्रस्तावित रैलियां और रोड शो रद्द कर दिए गए। हालांकि, लगातार कैंसिलेशन ने पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विपक्ष का हमला तेज

सत्ताधारी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) ने इस मुद्दे पर तीखा हमला बोला है। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि विजय “घर बैठे प्रचार” कर रहे हैं।
राज्य के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने तंज कसते हुए कहा कि असली नेता वही है जो जनता के बीच जाकर दिन-रात मेहनत करता है, न कि रुक-रुक कर प्रचार करने वाला। जहां एक ओर एम. के. स्टालिन, एडप्पादी के. पलानीस्वामी और सीमान जैसे नेता पूरे राज्य में जोरदार रैलियां कर रहे हैं, वहीं विजय की सीमित मौजूदगी TVK के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। प्रचार खत्म होने में अब सिर्फ कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन विजय को अभी भी कई जिलों का दौरा करना है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या वह अंतिम समय में अपनी रणनीति बदलकर आक्रामक प्रचार करेंगे या फिर यह रफ्तार चुनावी नतीजों पर असर डालेगी।

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