आज सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज की जरूरत हैं, हम इनसे मुंह नहीं मोड़ सकते। लेकिन इसको अपने लिए कल्याणकारी कैसे बना सके इस पर काम करें। अच्छे कंटेंट डालिए, फेक अकाउंट के बारे में लोगों को बताएं। शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि, फेक अकाउंट है, उनके बारे में छात्रों को बताएं और गुमराह करने वाले तथ्यों से दूर रखें।
आगरा। दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का असर पूरे देशभर में देखने को मिला। सोशल मीडिया पर भी इस आंदोलन के दौरान कई तरह के अफवाहों का भी बाजार गर्म रहा। इन सबके बीच रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा कि, भारत की प्रगति से चिढ़ने वाली विदेशी ताकतें अत्याधुनिक तकनीक और विदेशी फंड का दुरुपयोग कर समाज में अफवाहें फैलाकर विद्वेष व अव्यवस्था फैलाने का षड्यंत्र रच रहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, सोशल मीडिया पर परोसे जा रहे असत्यापित कंटेंट को युवा सच मान लेते हैं, जिससे समाज अराजकता का शिकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि, छात्रों को इसके बारे में बताएं और सत्य व झूठ का भेद बताएं। उन्होंने कहा, गूगल पर मौजूर सभी सामग्री प्रामाणिक नहीं होती, इसलिए युवाओं को वापस पुस्तकालयों और संदर्भ ग्रंथों की ओर मोड़ना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।
सोशल मीडिया आज की आवश्यकता है…
अच्छे कंटेंट डालिए, फेक अकाउंट के बारे में लोगों को बताएं…
देश आपका गुणगान करेगा… pic.twitter.com/ZCxUlK4Tya
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 26, 2026
साथ ही कहा, आज सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज की जरूरत हैं, हम इनसे मुंह नहीं मोड़ सकते। लेकिन इसको अपने लिए कल्याणकारी कैसे बना सके इस पर काम करें। अच्छे कंटेंट डालिए, फेक अकाउंट के बारे में लोगों को बताएं। शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि, फेक अकाउंट है, उनके बारे में छात्रों को बताएं और गुमराह करने वाले तथ्यों से दूर रखें।
उन्होंने विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत डुअल डिग्री और नए पाठ्यक्रम लागू करने को कहा। सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग की सुविधा शुरू की है, जिसका लाभ उच्च शिक्षण संस्थानों को भी उठाना चाहिए। शिक्षकों को अपनी कक्षाएं रोचक बनानी चाहिए ताकि छात्र बोरियत के कारण क्लास न छोड़ें।