राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला - अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है - क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
नई दिल्ली। नीट यूजी 2026 की दोबारा होने वाली परीक्षा से ठीक पहले फिर विवाद खड़ा हो गया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से जारी एडमिड कार्ड में एक बड़ी चूक सामने आयी है। दरअसल, नागपुर में एक छात्र का सेंटर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का ‘अबू धाबी’ अलॉट कर दिया गया। 21 जून को होने वाली इस परीक्षा से पहले इस मामले के आने के बाद सवाल उठने लगे हैं। अब राहुल गांध ने इसको लेकर सरकार और एनटीए पर सवाल उठाया है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था। कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी। न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा है – क्या इस तनाव की कल्पना भी की जा सकती है?
नागपुर का एक बच्चा एक महीने से NEET re-exam की तैयारी कर रहा था।
कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले उसने admit card डाउनलोड किया। उसका सेंटर निकला – अबू धाबी।
न पासपोर्ट, न परिवार के पास विदेश भेजने के पैसे, न अब कोई वक़्त बचा है। वो रातभर रोता रहा, और परीक्षा देने से ही मना कर रहा… https://t.co/TJOHUBnFDB
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— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) June 20, 2026
आखिर ऐसा हुआ भी कैसे? कल किसी भी छात्र को सेंटर तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं होनी चाहिए। NTA असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता का सिर्फ़ धीरज test कर रही है। जो system एक बच्चे को अपने ही शहर में एक centre नहीं दे सकती, उल्टा विदेश भेज सकती है – उसे परीक्षा करवाने का कोई हक़ नहीं।
उन्होंने आगे लिखा, कोटा में मैंने यही कहा था – यह अब शिक्षा व्यवस्था नहीं रही। यह एक पूरी पीढ़ी के पैसे, समय और मानसिक शांति की वसूली है। हमारे बच्चों के भविष्य के साथ जुआ खेलना बंद कीजिए। वो एक संवेदनशील, ज़िम्मेदार और जवाबदेह शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा के अधिकारी हैं – और हम ये उन्हें दिलवा कर रहेंगे।