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Swatantrata diwas 2021: भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में डॉ.साराभाई ने उल्लेखनीय योगदान दिया

देश 2021 में स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ (75th anniversary of independence day) मना रहा है। डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई-फादर ऑफ इंडियन स्पेस प्रोग्राम, जिनका भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन (Indian independence movement) में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

By अनूप कुमार 
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Swatantrata diwas 2021 : देश 2021 में स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ (75th anniversary of independence day) मना रहा है। डॉ. विक्रम अंबालाल साराभाई-फादर ऑफ इंडियन स्पेस प्रोग्राम, जिनका भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन (Indian independence movement) में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। डॉ.साराभाई भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक के रूप में जाने जाते थे। साराभाई का जन्म 12 अगस्त, 1919 को गुजरात के अहमदाबाद में हुआ था।  पिता अंबालाल साराभाई एक उद्योगपति थे और उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उल्लेखनीय योगदान दिया था। डॉ.साराभाई की गुजरात में कई मीलें थीं। डॉ.साराभाई ने अपने माता-पिता की प्रेरणा से बचपन में ही तय कर लिया था कि उन्हें विज्ञान के माध्यम से देश और मानवता की सेवा करनी है।

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अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान (PRL) की स्थापना की
अहमदाबाद के गुजरात कॉलेज से उन्होंने मैट्रिक की परीक्षा पास की और आगे की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। कैम्ब्रिजज युनिवर्सिटी के सेंट जॉन कॉलेज में प्रवेश लिया। इसी युनिवर्सिटी से वे NST(Natural Science Tripos) में पास हुए। डॉ. साराभाई जब कैंब्रिज से पढ़ाई कर लेने भारत लौटे तो उन्होंने अपने दोस्तों और परिवार की ओर से नियंत्रित एक चैरिटेबल ट्रस्ट को प्रयोग संस्था के तौर पर डेवलप करने के लिए राजी किया। इसके बाद उन्होंने 11 सितंबर 1947 को अहमदाबाद में भौतिक अनुसंधान (PRL) की स्थापना की। इस संस्था का गठन डॉ. साराभाई का अंतरिक्ष की ओर बढ़ाया गया एक बड़ा कदम माना जाता है। यहां रहकर उन्होंने 1966-71 तक कार्यरत रहे। उसके बाद उन्हें परमाणु आयोग का अध्यक्ष बनाया गया।

दर्शन अकादमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट की स्थापना की
डॉ. साराभाई न केवल अंतरिक्ष की दुनिया के लिए काम किया बल्कि उनके उद्योग जगत के लोगों के साथ भी बहुत अच्छे संबंध थे। उन्होंने इंडस्ट्रियलिस्ट दोस्तों की मदद से अहमदाबाद में ही IIM अहमदाबाद की स्थापना की। कला क्षेत्र में अध्ययन के लिए दर्शन अकादमी ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट की स्थापना की।

डॉ. साराभाई द्वारा स्थापित जाने माने कुछऔर संस्थान हैं

कम्यूनिटी साइंस सेंटर, अहमदाबाद विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद (साराभाई द्वारा स्थापित छह संस्थानों/ केन्द्रों के विलय के बाद यह संस्था अस्तित्व में आई) फास्टर ब्रीडर टेस्ट रिएक्टर (एफबीटीआर), कलपक्कम परिवर्ती ऊर्जा साइक्लोट्रॉन परियोजना, कलकत्ता भारतीय इलेक्ट्रॉनकी निगम लिमिटेड (ईसीआईएल), हैदराबाद भारतीय यूरेनियम निगम लिमिटेड (यूसीआईएल)

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पद्म विभूषण से नवाजा गया
भारत की पहली सैटेलाइट आर्यभट्ट को 1975 में रूस स्पेस सेंटर से लॉन्च किया गया। देश के मिसाइल मैन डॉ. अब्दुल कलाम आजाद उन्हें अपना गुरु मानते थे। SLV के डिजाइन को लेकर उन्होंने मुंबई रवाना होने से पहले डॉ. कलाम से फोन पर बात की थी। फोन रखने के बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उनकी मौत हो गई। डॉ. साराभई को 1966 में पद्मभूषण से विभूषित किया गया। इसी तरह सन 1977 उनकी मौत के बाद उन्हें पद्म विभूषण से नवाजा गया।

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