नई दिल्ली। भारत में धूम्रपान करने वालों के साथ-साथ उनके आसपास मौजूद लोगों की सेहत पर भी इसका बेहद गंभीर असर पड़ रहा है। मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ की Global Burden of Disease (GBD) 2023 की रिपोर्ट में भारत में पैसिव स्मोकिंग यानी सेकंड-हैंड स्मोक को लेकर बेहद चिंताजनक आंकड़े
