अराधना मिश्रा ने कहा कि, अयोध्या के राम मंदिर में BJP-RSS के लोगों की देखरेख में चढ़ावा चोरी के महापाप को अंजाम दिया गया है। ऐसे में RSS के लोग सिर्फ टेलीप्रॉम्प्टर पर मैसेज पढ़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। BJP-RSS ने जिस तरीके से देश के रामभक्तों को धोखा दिया है, उससे पूरा देश आहत है-ये लोग राम के 'पुजारी' नहीं, 'व्यापारी' हैं।
नई दिल्ली। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर लगातार सियासत गर्म होती जा रही है। कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दल के नेताओं ने इसको लेकर बीजेपी सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस विधायक अराधना मिश्रा ने शनिवार को पार्टी कार्यालय में एक प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे को लेकर बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा।
अराधना मिश्रा ने कहा कि, अयोध्या के राम मंदिर में BJP-RSS के लोगों की देखरेख में चढ़ावा चोरी के महापाप को अंजाम दिया गया है। ऐसे में RSS के लोग सिर्फ टेलीप्रॉम्प्टर पर मैसेज पढ़कर अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकते। BJP-RSS ने जिस तरीके से देश के रामभक्तों को धोखा दिया है, उससे पूरा देश आहत है-ये लोग राम के ‘पुजारी’ नहीं, ‘व्यापारी’ हैं।
उन्होंने आगे कहा, राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी पर दुख व्यक्त करने से RSS इस महापाप से खुद को अलग नहीं कर सकती। आज जो RSS इस महाचोरी से खुद को अलग दिखाने की कोशिश कर रही है, वो बताए कि क्या चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव RSS से जुड़े नहीं हैं? आखिर क्यों इन लोगों पर अभी तक FIR भी नहीं हुई है?
राम मंदिर हमेशा से BJP के लिए एक चुनावी मुद्दा था, जिसे अंत में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद बनाया गया। अपने निर्णय में सर्वोच्च न्यायालय ने सरकार की देखरेख में ट्रस्ट बनाने की बात कही थी, ऐसे में BJP सरकार अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हट सकती।
राम मंदिर से करोड़ों रुपए का चढ़ावा चोरी हुआ है, लेकिन ED, IT और CBI कहीं नजर नहीं आ रहे।
इसके साथ ही कहा, राम मंदिर के चढ़ावा चोरी में उन छोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें ट्रस्ट के द्वारा ही रखा गया था। ये वही कर्मचारी थे, जिनकी लिस्ट खुद ट्रस्ट ने SBI को दी थी और SBI ने एजेंसी के जरिए उन्हें काम पर लगाया था। मतलब ट्रस्ट ने अपनी मर्जी के लोगों को SBI और एजेंसी के जरिए वहां काम पर लगाया। इन लोगों की न कोई जांच हुई और न ही इनके बैकग्राउंड के बारे में पड़ताल की गई। ऐसे में चढ़ावा चोरी के बाद इन छोटे कर्मचारियों की तो जांच की गई, लेकिन ऊपर बैठे बड़े लोगों को छोड़ दिया गया। इतना बड़ा महापाप हुआ है, लकिन नरेंद्र मोदी चुप हैं।
अराधना मिश्रा ने कहा, आज सिर्फ विपक्ष नहीं, बल्कि BJP के लोग यह मान रहे हैं कि इस लूट में RSS के लोग शामिल हैं। राम मंदिर में चढ़ावा चोरी से पहले जमीन घोटाले को अंजाम दिया गया और लोगों ने अपनी जेबें भरीं। RSS-BJP आज घड़ियाली आंसू बहाकर खुद को इस मामले से अलग करना चाहती है, लेकिन ये देश, रामभक्त और खुद अयोध्या वासी इन्हें माफ नहीं करेंगे।