केरल (Kerala) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) के बाद अब कर्नाटक (Karnataka) में राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Thaawarchand Gehlot) ने 22 जनवरी को राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली। केरल (Kerala) और तमिलनाडु (Tamil Nadu) के बाद अब कर्नाटक (Karnataka) में राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच विवाद खड़ा हो गया है। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत (Thaawarchand Gehlot) ने 22 जनवरी को राज्य विधानसभा के संयुक्त सत्र को संबोधित करने से इनकार कर दिया है। बता दें कि इससे पहले तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि (Tamil Nadu Governor R.N. Ravi) मंगलवार को विधानसभा में अपना उद्घाटन भाषण देने से पहले ही बाहर चले गए थे। उन्होंने राष्ट्रगान के प्रति अनादर की भावना व्यक्त करते हुए निराशा जताई थी।
वहीं केरल में मंगलवार को तब विवाद उत्पन्न हो गया जब मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Chief Minister Pinarayi Vijayan) ने विधानसभा में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर (Governor Rajendra Vishwanath Arlekar) के संबोधन समाप्त करने के तुरंत बाद आरोप लगाया था कि उन्होंने राज्य मंत्रिमंडल के तरफ से अनुमोदित नीतिगत भाषण को पूरी तरह नहीं पढ़ा।