No-confidence motion against LS Speaker Om Birla : संसद के बजट सत्र में एनडीए सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। विपक्ष के सदस्य सरकार पर उनकी आवाज दबाने और सदन में बोलने न देने का आरोप लगा रहा है। इस बीच, सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा।
No-confidence motion against LS Speaker Om Birla : संसद के बजट सत्र में एनडीए सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। विपक्ष के सदस्य सरकार पर उनकी आवाज दबाने और सदन में बोलने न देने का आरोप लगा रहा है। इस बीच, सोमवार को विपक्षी दलों की बैठक हुई। सूत्रों की मानें तो विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगा।
नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर INDIA ब्लॉक के नेताओं की बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राऊत समेत तमाम विपक्षी सांसद मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव को बजट सत्र के दूसरे हिस्से में पेश करेगा, क्योंकि इसके लिए 20 दिन का नोटिस चाहिए। इस कदम के लिए बताए गए कारणों में शामिल हैं: लोकसभा में विपक्ष के नेता को बोलने नहीं दिया गया; महिला सांसदों को चेयर ने नाम लेकर टोका; ट्रेजरी बेंच के कुछ सांसदों को हमेशा सदन में खास अधिकार दिए गए; और जिस तरह 8 विपक्षी सांसदों को पूरे सत्र के लिए सस्पेंड किया गया।
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “संसदीय नियमों के अनुसार, विपक्ष का नेता एक शैडो प्राइम मिनिस्टर होता है। लेकिन यहां, विपक्ष के नेता को सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। सरकार कुछ भी कह सकती है और किसी पर भी हमला कर सकती है…स्पीकर खुद कांग्रेस की महिला सांसदों पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन इस सदन में विपक्ष के लिए बिल्कुल भी जगह नहीं है और उन्हें बोलने भी नहीं दिया जा रहा है… विपक्ष के प्रति ऐसा रवैया पहले कभी नहीं हुआ… हम कार्रवाई का इंतजार करेंगे…” उन्होंने यह भी कहा, “अमेरिका-भारत ट्रेड डील कुछ हद तक चौंकाने वाली थी और विपक्ष का नेता इसके बारे में स्पीकर से कुछ बातें कहना चाहता था, लेकिन इसकी भी इजाज़त नहीं दी गई। सरकार संसद को अपने लिए बचाकर रखना चाहती है…”