यूपी की राजधानी लखनऊ विशाल खंड गोमती नगर में स्थित हनुमंत एंडो सर्जरी सेंटर के संस्थापक और निदेशक वरिष्ठ एंडोस्कोपिक, लैप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जन डॉ. योगेश मिश्रा का 77 साल की उम्र में शनिवार रात निधन हो गया है। डॉ. मिश्रा पेट, पित्ताशय, हर्निया और बवासीर जैसी बीमारियों के उन्नत उपचार में विशेषज्ञता हासिल थी और वे बलरामपुर अस्पताल के पूर्व यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख थे।
लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ विशाल खंड गोमती नगर में स्थित हनुमंत एंडो सर्जरी सेंटर के संस्थापक और निदेशक वरिष्ठ एंडोस्कोपिक, लैप्रोस्कोपिक और जनरल सर्जन डॉ. योगेश मिश्रा का 77 साल की उम्र में शनिवार रात निधन हो गया है। डॉ. मिश्रा पेट, पित्ताशय, हर्निया और बवासीर जैसी बीमारियों के उन्नत उपचार में विशेषज्ञता हासिल थी और वे बलरामपुर अस्पताल के पूर्व यूरोलॉजी विभाग के प्रमुख थे।
डॉ. योगेश मिश्रा का बैंकुठधाम में रविवार दोपहर अंतिम संस्कार किया गया। उनके बड़े पुत्र शैलेश कुमार मिश्रा ने मुखाग्नि दी। इस अवसर डॉ. योगेश मिश्रा के सुपुत्र डॉ. विनायक मिश्रा ने अश्रुपूरित नेत्रों ने परिजनों व सहयोगियों को ढ़ाढस बंधाते नजर आए। डॉक्टर योगेश मिश्रा का परमधाम को पधार जाना मानवता के लिए अपूरणीय क्षति है। वे न केवल एक कुशल चिकित्सक थे, बल्कि एक संवेदनशील, समर्पित और मानव सेवा के प्रति पूर्णतः निष्ठावान व्यक्तित्व भी थे। उनके द्वारा किए गए सेवा कार्य हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहेंगे।
डॉ. योगेश मिश्रा हमेशा दूसरों को सिखाने और अपने कौशल व ज्ञान को साझा करने के लिए तत्पर रहते थे। वे सरकारी क्षेत्र में कार्यरत उन चुनिंदा सर्जनों में से एक थे, जो सर्जरी विभाग में होने वाली गुरुवार की कॉन्फ्रेंस में नियमित रूप से शामिल होते थे और अकादमिक रूप से अपना योगदान देते थे। वे ‘एसोसिएशन ऑफ सर्जन्स ऑफ इंडिया’ के एक अत्यंत सम्मानित सदस्य थे और लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के क्षेत्र में कौशल विकास के लिए एक बहुत ही लोकप्रिय प्रशिक्षक थे। वे नियमित रूप से खुद को अपडेट रखकर और अपने कनिष्ठ सहकर्मियों का मार्गदर्शन करके अपने विषय पर अपनी श्रेष्ठता बनाए रखते थे।
डॉ. योगेश मिश्रा बहुत ही मृदुभाषी और उदार स्वभाव के वरिष्ठ सहकर्मी, वे हमेशा दूसरों को प्रोत्साहित करते थे और सदैव प्रेरणा के स्रोत बने रहते थे। अब जब वे इस दुनिया को छोड़कर परधाम को सिधार गए हैं। उनकी बुद्धिमत्ता और उनकी परोपकारिता की बहुत कमी समाज को खलेगी। ईश्वर करें कि उनकी आत्मा परमात्मा में विलीन हो जाए और वे शाश्वत आनंद को प्राप्त करें।
डॉ. योगेश मिश्रा हमेशा बस एक फोन कॉल की दूरी पर उपलब्ध रहते थे। वे स्वयं अनगिनत मरीजों की देखभाल करते थे और यह सुनिश्चित करते थे कि उन्हें सर्वोत्तम संभव उपचार मिले। उनकी करुणा, समर्पण और विनम्रता ने अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है। डॉ. साहब का जाना न केवल उनके परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे चिकित्सा जगत, उनके हजारों मरीजों के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। उनकी दयालुता और सेवा के प्रति उनके समर्पण को हमेशा याद रखा जाएगा। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और इस कठिन समय में उनके शोक संतृप्त परिवार को शक्ति और साहस दें।