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ड्रैगन का दिखा असली रंग, अफगान में ‘Taliban Raj’ को मान्यता देने को तैयार

आतंकी संगठन तालिबान (Terrorist Organization Taliban) इस समय पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अफगानिस्तान(Afghanistan) में इसका आतंक बढ़ता ही जा रहा है। तालिबान एक के बाद एक शहरों पर कब्जा जमाता जा रहा है। गजनी, हेरात और कंधार के बाद अब तालिबान ने लश्कर गाह (Lashkar Gah) पर भी कब्जा कर लिया है।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। आतंकी संगठन तालिबान (Terrorist Organization Taliban) इस समय पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अफगानिस्तान (Afghanistan) में इसका आतंक बढ़ता ही जा रहा है। तालिबान एक के बाद एक शहरों पर कब्जा जमाता जा रहा है। गजनी, हेरात और कंधार के बाद अब तालिबान ने लश्कर गाह (Lashkar Gah) पर भी कब्जा कर लिया है।

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तालिबान (Taliban)पर पाकिस्तान (Pakistan) पहले से मेहरबानी दिखा रहा है। इसके बाद चालबाज चीन (Trickster China) भी इस मेहरबान होता दिख रहा है। हाल के दिनों में चीन अफगानिस्तान में शांति कायम करने के उपायों में शामिल होने का भले ही दावा कर रहा हो, लेकिन चीनी प्रशासन की तालिबानी प्रतिनिधि से मुलाकात से उसका असली रंग दुनिया के सामने दिखा दिया है। चीन अब अफगानिस्तान में तालिबान राज (Taliban Raj) को मान्यता देने पर विचार कर रहा है।

यूएस न्यूज (US News) को जानकारी मिली है कि अगर आतंकी संगठन तालिबान अफगानिस्‍तान (Afghanistan) पर कब्‍जा करने में सफल होता है। तो चीन उन्‍हें मान्‍यता दे सकता है। अगर ऐसा होता है तो यह भारत और अमेरिका (America) समेत उन देशों के लिए बड़ा झटका होगा, जो तालिबान (Taliban) पर दबाव बनाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। साथ ही अफगानिस्तान में शांति बहाल करने के प्रयासों में जुटे हैं।

अगर आतंकवादी समूह तालिबान अफगानिस्तान (Terrorist Organization Taliban)  में लोकतांत्रिक रूप से चुनी सरकार (Democratically Elected Government) पर हावी हो जाता है। इसके अलावा काबुल पर भी अपना कब्जा जमा लेता है। तो चीन तालिबान को अफगानिस्तान के वैध शासक (Taliban as legitimate ruler of Afghanistan) के रूप में मान्यता देने के लिए तैयार है। चीनी आंकलन से परिचित खुफिया सूत्रों के हवाले से यूएस न्यूज की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में मौजूदा स्थिति के मद्देनजर नए चीनी सैन्य और खुफिया आंकलन ने उन्हें आतंकवादी समूह यानी तालिबान के साथ अपने संबंधों को औपचारिक रूप देने के लिए तैयार करने के लिए प्रेरित किया है। बता दें कि अमेरिका तालिबान को मान्यता देने के खिलाफ है।

तालिबान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान (Afghanistan) के प्रमुख दक्षिणी शहर लश्कर गाह पर कब्जा कर लिया है। यह बीते 24 घंटे में तालिबान ने अफगानिस्तान (Afghanistan)  का चौथा शहर है। जहां तालिबान राज शुरू हो गया है। लश्कर गाह से ठीक पहले गुरुवार की देर रात तालिबान ने अफगानिस्तान के दूसरे सबसे बड़े शहर कंधार पर कब्जा (capture of kandahar) किया। इस तरह से कंधार के बाद लश्कर गाह अफगानिस्तान की 34 प्रांतीय राजधानियों में से 13वीं राजधानी है, जिस पर आतंकी संगठन का कब्जा हो गया है।

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