देश में हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने संशोधित UDAN 2.0 योजना को अपनी मंज़ूरी दे दी है। इस योजना का मकसद पूरे भारत में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी (regional air connectivity) को बढ़ावा देना है।
UDAN 2.0 : देश में हवाई यात्रा को सुगम बनाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट ने संशोधित UDAN 2.0 योजना को अपनी मंज़ूरी दे दी है। इस योजना का मकसद पूरे भारत में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी (regional air connectivity) को बढ़ावा देना है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि, इस योजना में 100 नए हवाई अड्डे और 200 आधुनिक हेलीपैड विकसित करना शामिल है। इस विस्तार से विमानन बुनियादी ढांचा (Aviation Infrastructure ) बेहतर होगा, खासकर पहाड़ी और दूरदराज के इलाकों में। इन विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए इस योजना में काफी बड़ा बजट रखा गया है। ईज ऑफ ट्रैवल के लिए IVFRT digital process में 32 नए आइडिया जोड़े गए हैं। इस योजना के तहत 28840 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसका मकसद पूरे देश में क्षेत्रीय हवाई कनेक्टिविटी को मज़बूत करना और विमानन बुनियादी ढांचे (aviation infrastructure) का विस्तार करना है।
‘चैलेंज मोड’
इस नई योजना के तहत, ‘चैलेंज मोड’ में 100 नए हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे। हर हवाई अड्डे पर औसतन 100 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और इसके लिए 12,159 करोड़ रुपये का बजटीय सहयोग दिया जाएगा।
सरकार देश भर में 200 नए और आधुनिक हेलीपैड बनाने वाली है। पहाड़ों, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और टापुओं पर जहां पर सड़कें बनाना आसान नहीं है। यहां पर हेलीकॉप्टर की आवाजाही (helicopter movement) का मुख्य माध्यम बनाया गया है। इसके लिए सरकार 3,661 करोड़ रुपये का खर्च करने वाली है। भारत में बने विमानों को बढ़ावा मिलेगा। नए विमानों की खरीद होगी। इस काम में 400 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है।